---Advertisement---

साधु व जैन मुनि मर्यादा में रहेंगे, तभी सम्मान के पात्र होंगे : उपाध्याय बिहसंत सागर।

Published On: January 21, 2026
---Advertisement---

शमशाबाद।हिंदुस्तान में जब तक साधु-संतों और जैन मुनियों का सम्मान बना रहेगा, तब तक देश की गरिमा भी बनी रहेगी। लेकिन यह सम्मान तभी संभव है, जब साधु एवं मुनि अपनी मर्यादा में रहें। यह विचार उपाध्याय श्री 108 बिहसंत सागर जी महाराज ने शमशाबाद स्थित संत भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान व्यक्त किए।उन्होंने बताया कि उदी मोड़ के पास 15 मार्च को बिहसंत भवन का शिलान्यास किया जाएगा। इस भव्य परिसर में गौशाला, हॉस्पिटल, संत निवास, निर्जरा भवन, पाठशाला, वृद्धाश्रम एवं त्यागी वृत्ति आश्रम का निर्माण किया जाएगा।संत उपाध्याय ने बताया कि इस निर्माण को राम मंदिर निर्माण की तर्ज पर आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया जाएगा। इसके लिए सिद्ध क्षेत्र, अति-सय क्षेत्र एवं बड़े-बड़े मुनियों की तपोस्थली से लाई गई मिट्टी को 500 कलशों में भरकर नीम के वृक्ष के नीचे स्थापित किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में ऋषि-मुनियों की तपोआभा और आध्यात्मिक सुगंध बनी रहे।
इस अवसर पर एक विशेष पत्रिका का विमोचन भी किया गया।इससे पूर्व मुनि राजाखेड़ा से बिहार करते हुए शमशाबाद पहुंचे,जहां नगर में बैंड-बाजों के साथ भव्य अगवानी की गई। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर पद प्रक्षालन, आरती एवं पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं ने सम्मान प्रकट किया।कार्यक्रम में अध्यक्ष राजेंद्र कुमार जैन,राकेश कुमार जैन, अनूप जैन उर्फ सोनू,प्रेमचंद जैन, नरेंद्र जैन उर्फ गुड्डा,राजीव जैन, शेखर जैन,रमेशचंद जैन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

---Advertisement---

Leave a Comment