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भारत-EU के बीच ‘मदर ऑफ ऑल डील’: 27 जनवरी को रचेगा इतिहास, अमेरिका पर निर्भरता होगी कम

Published On: January 24, 2026
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भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच दशकों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। इसे ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ (Mother of All Deals) कहा जा रहा है, जो न केवल व्यापार बल्कि रणनीतिक और तकनीकी मोर्चे पर भी भारत की तस्वीर बदल देगी। आज यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन दिल्ली पहुंच रही हैं। 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अंतिम बैठक के बाद इस मेगा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर मुहर लग सकती है।
गणतंत्र दिवस पर खास मेहमान यूरोपीय संघ के प्रतिनिधि 26 जनवरी की परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जो भारत-यूरोप के बीच बढ़ती नजदीकी का सबसे बड़ा संकेत है।

मुलाकातों का दौर:
24 जनवरी: दोपहर 2:40 बजे उर्सुला वॉन डेर लेयेन का दिल्ली आगमन। शाम 6:00 बजे विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात।
26 जनवरी: गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होना।
27 जनवरी: प्रधानमंत्री मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक और प्रेस कॉन्फ्रेंस, जिसमें डील का औपचारिक ऐलान संभव है।
28 जनवरी: राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद स्वदेश रवानगी।

क्यों है यह ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और यूरोपीय संघ की अध्यक्ष ने इस समझौते को ऐतिहासिक करार दिया है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
मार्केट एक्सेस: भारत को यूरोप के 27 देशों का विशाल बाजार मिलेगा।
ट्रेड टारगेट: वर्तमान व्यापार $136.5 अरब से बढ़कर $200 अरब होने की उम्मीद है।
अमेरिका का विकल्प: अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ और व्यापारिक दबाव के बीच यह डील भारत को एक मजबूत वैकल्पिक बाजार देगी।
फर्स्ट मूवर एडवांटेज: दावोस में उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि यह डील ऐसी होगी जो आज तक किसी दूसरे देश के साथ नहीं हुई है।

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