---Advertisement---

देवदूत बने कोस्ट गार्ड के जवान, रात के अंधेरे में रेस्क्यू ऑपरेशन कर मौत के मुंह से निकाला, दिया नया जीवन

Published On: January 27, 2026
---Advertisement---

भारतीय कोस्ट गार्ड (ICG) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे न केवल सीमाओं के रक्षक हैं, बल्कि संकट के समय देशवासियों के लिए ‘देवदूत’ भी हैं। सोमवार की रात लक्षद्वीप के अगत्ती में रहने वाले एक व्यक्ति को अचानक दिल का दौरा पड़ा। स्थिति इतनी गंभीर थी कि उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए कोच्चि ले जाना अनिवार्य था, लेकिन समंदर के बीचों-बीच रात के वक्त यह किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था।

हवा में तैयार हुआ चलता-फिरता अस्पताल स्थानीय प्रशासन की गुहार पर कोस्ट गार्ड ने बिना समय गंवाए मिशन शुरू किया। कोस्ट गार्ड के इंजीनियरों और मेडिकल टीम ने कमाल की फुर्ती दिखाते हुए एक डोर्नियर एयरक्राफ्ट को कुछ ही देर में ‘फ्लाइंग एंबुलेंस’ में तब्दील कर दिया। इसमें MICU (Mobile Intensive Care Unit) की सभी अत्याधुनिक सुविधाएं लैस की गईं ताकि मरीज को उड़ान के दौरान हर जरूरी मेडिकल सपोर्ट मिल सके।

रात के अंधेरे और खराब मौसम को दी मात रात के सन्नाटे और अरब सागर के अनिश्चित मौसम के बीच, कोस्ट गार्ड के जांबाज पायलटों ने विमान को अगत्ती से कोच्चि के लिए उड़ाया। कुछ ही मिनटों के भीतर मरीज को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया, जहां समय पर इलाज मिलने से उसकी जान बच गई।

बढ़ती क्षमता का प्रमाण कोस्ट गार्ड के अनुसार, इस महीने का यह दूसरा सफल मेडिकल इवैक्यूएशन है। पिछले एक साल में रात के समय किया गया यह चौथा ऐसा चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन था। कोस्ट गार्ड ने बयान में कहा कि यह सफलता उनकी उच्च स्तरीय ऑपरेशनल तैयारी और ‘वयम रक्षाम:’ के संकल्प को दोहराती है।

---Advertisement---

Leave a Comment