प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और ईयू के बीच व्यापर समझौते को लेकर कहा कि “यह सिर्फ व्यापार समझौता नहीं, बल्कि भारत और यूरोप के आर्थिक रिश्तों का नया सूर्योदय है।”
नई दिल्ली। भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने 18 साल के लंबे इंतजार के बाद व्यापार की दुनिया के सबसे बड़े समझौतों में से एक ‘फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (FTA) पर मुहर लगा दी है। पीएम मोदी ने इसे भारत के इतिहास का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता बताया है। इस डील के बाद यूरोप के 27 देशों के साथ व्यापार के नए रास्ते खुल गए हैं, जिसका सीधा फायदा भारतीय ग्राहकों को कीमतों में कटौती के रूप में मिलेगा।
क्या-क्या होगा सस्ता?
यूरोपीय देशों से आने वाली लग्जरी कारों से लेकर आपके किचन और बार कैबिनेट तक, कई चीजों के दाम गिरेंगे:
लग्जरी गाड़ियां: BMW और फॉक्सवैगन जैसी कारों पर लगने वाली ड्यूटी पहले 40% और फिर घटकर महज 10% रह जाएगी।
शराब और बीयर: बीयर पर टैरिफ 110% से घटकर 50% हो जाएगा। वाइन और अन्य स्पिरिट्स की कीमतों में भी भारी गिरावट आएगी।
मेडिकल उपकरण: मेडिकल और सर्जिकल मशीनों पर टैक्स खत्म होने से इलाज और जांच सस्ती होगी।
किचन का सामान: ऑलिव ऑयल, मार्जरीन और वेजिटेबल ऑयल पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।
मशीनरी और फार्मा: इंडस्ट्रियल मशीनों और दवाइयों के कच्चे माल पर ड्यूटी घटने से घरेलू उत्पादन की लागत कम होगी।
भारत के लिए क्यों है यह खास?
वर्तमान में करीब 6,000 यूरोपीय कंपनियां भारत में हैं, इस डील के बाद यह संख्या तेजी से बढ़ेगी। भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और सर्विस सेक्टर के लिए यूरोप का विशाल बाजार अब और सुलभ हो जाएगा। समझौते से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे।





