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माघ पूर्णिमा रवि-पुष्यामृत महासिद्ध योग में, बना दुर्लभ संयोग-पं. प्रमोद गौतम

Published On: January 31, 2026
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आगरा। वैदिक सूत्रम रिसर्च संस्था के चेयरमैन एस्ट्रोलॉजर पं. प्रमोद गौतम ने बताया कि वर्ष 2026 में माघ पूर्णिमा 01 फरवरी रविवार को पूरे दिन एवं रात्रि रवि-पुष्यामृत महासिद्ध योग में रहेगी। ऐसा दुर्लभ संयोग बहुत कम देखने को मिलता है।
उन्होंने बताया कि माघ माह का आरंभ 4 जनवरी 2026 को पुष्य नक्षत्र में रविवार को रवि-पुष्यामृत योग में हुआ था और समापन भी पुष्य नक्षत्र में ही माघ पूर्णिमा को होगा, जो अत्यंत पुण्यदायक माना जाता है।
पं. गौतम ने कहा कि धार्मिक दृष्टि से माघ माह को ‘पुण्य का महीना’ कहा जाता है। पद्म पुराण के अनुसार इस माह किए गए स्नान, दान और तप से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। यह महीना मुख्य रूप से भगवान विष्णु और सूर्य देव को समर्पित है।
उन्होंने बताया कि प्रयागराज में लगने वाला माघ मेला और कल्पवास इसी माह की महिमा को दर्शाता है। शास्त्रों के अनुसार माघ महीने में पवित्र नदियों का जल अमृत समान हो जाता है।
मान्यता है कि माघ स्नान से व्यक्ति के पूर्व जन्मों के पाप नष्ट होते हैं तथा आरोग्य की प्राप्ति होती है। सामान्यतः माघ पूर्णिमा मघा नक्षत्र में होती है, लेकिन इस वर्ष पुष्य नक्षत्र में पड़ना इसे और भी विशेष बनाता है।

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