मौसम बदलते ही जकड़ लेती है सर्दी और खांसी, तो ये देसी इलाज आएंगे काम!
हल्दी दूध एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच हल्दी पाउडर डालकर पिएं। ...
तुलसी का सेवन जुकाम में तुलसी अमृत के समान होती है।
मेथी और अलसी को 4-5 ग्राम की मात्रा में लेकर एक गिलास पानी में उबालें। जब अच्छी तरह उबल जाए, तब इसकी 4-4 बूंदें दोनों नाक में डालें। इससे जुकाम में आराम मिलता है।
10 ग्राम हल्दी और 10 ग्राम अजवायन को एक कप पानी में डालकर पकाएं। जब पानी आधा रह जाए, तब इसमें थोड़ा-सा गुड़ मिलाकर पिएं। इससे जुकाम में तुरंत आराम मिलता है, और नाक से पानी बहना कम हो जाता है।
सोते समय दोनों नाक के दोनों छिद्र में 2-2 बूंदे बादाम रोगन या सरसों के तेल की डालकर सोएं। इससे नाक का किसी भी प्रकार का रोग नहीं होता।
गाय के शुद्ध देसी घी को पिघलाकर दो बूंद सुबह नाक में डालें। ऐसा नियमित रूप से तीन महीने तक करें। इससे पुराना से पुराना जुकाम भी ठीक हो जाता है।
8- 10 मुनक्कों को पानी में डालकर उबालें। जब पानी आधा रह जाए तब मुनक्कों को निकालकर खाएं और पानी को पी लें। इससे बहती नाक की समस्या से आराम मिलता है।