सर्वधर्म सद्भाव के प्रतीक और ताजनगरी के सच्चे शांति दूत बंटी ग्रोवर
सियासी सूरमा
- ताजनगरी में सर्वधर्म सद्भाव और सुलहकुल की नई पहचान बने शांति दूत बंटी ग्रोवर
- पुलिस और प्रशासन से भी आगे जो न कर पाए कोई वो कर दिखाते हैं भाजपा नेता बंटी ग्रोवर
- जब छुआछूत के डर से हांफ रहा था शहर तब अफसरों के साथ मिलकर शेल्टर होम बनवा रहे थे बंटी ग्रोवर
ताजनगरी आगरा का इतिहास हमेशा से सुलहकुल की नीति और आपसी भाईचारे का प्रतीक रहा है। इसी ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक दौर में पूरी शिद्दत और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ाने वाले एक प्रमुख हस्ताक्षर हैं बंटी ग्रोवर। भारतीय जनता पार्टी के ब्रज क्षेत्र अल्पसंख्यक मोर्चा के लगातार पिछले तीन वर्षों से महामंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे बंटी ग्रोवर केवल एक राजनेता नहीं हैं बल्कि वे आगरा के सामाजिक ताने बाने को जोड़े रखने वाले एक मजबूत सेतु हैं। सरदार होने के बावजूद समाज के हर वर्ग चाहे वह हिंदू हो मुस्लिम हो या ईसाई सभी के भीतर उनके प्रति अगाध प्रेम और भाईचारे की भावना दिखाई देती है। जब भी वे किसी मंदिर मस्जिद या सामाजिक मंच पर जाते हैं तो उनका स्वागत एक राजनेता के रूप में नहीं बल्कि समाज के अपने सबसे विश्वसनीय हितैषी के रूप में होता है।
सुलहकुल की अनोखी पहल और धर्मगुरुओं का सामंजस्य
बंटी ग्रोवर जी को आगरा में शांति दूत के रूप में इसलिए जाना जाता है क्योंकि वे उन जटिल विवादों को भी अपनी सूझबूझ से सुलझा देते हैं जहां पुलिस और प्रशासन के हाथ भी खड़े हो जाते हैं। महान मुगल शासक अकबर के बाद आगरा में सर्वधर्म सामंजस्य के लिए बंटी ग्रोवर ने एक नई और अनोखी मिसाल कायम की है। उन्होंने मुस्लिम समाज के विभिन्न धड़ों और अध्यक्षों की कई बार महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित कराई हैं। जब भी शहर में किसी प्रशासनिक बैठक में या सौहार्द बनाने के लिए विभिन्न धर्मगुरुओं की आवश्यकता होती है तब बंटी ग्रोवर ही वे मुख्य व्यक्ति होते हैं जिनके एक आह्वान पर सभी धर्मों के गुरु एक मंच पर एकत्र हो जाते हैं। कोठी मीना बाजार के मैदान में जब जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी की भव्य भागवत कथा का आयोजन हुआ था तब उस पावन मंच पर हिंदू धर्मगुरुओं और संत समाज को ससम्मान लाने की मुख्य भूमिका भी बंटी ग्रोवर जी ने ही निभाई थी जो उनकी धर्मनिरपेक्ष और व्यापक सोच का एक बड़ा प्रमाण है।
ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण और सिख इतिहास को सम्मान
बंटी ग्रोवर ने आगरा की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को समाज के सामने गौरवमयी रूप में स्थापित करने के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए हैं। लोहामंडी में स्थित वह ऐतिहासिक गुरुद्वारा जहां स्वयं गुरु नानक देव जी के चरण पड़े थे वहां बंटी ग्रोवर के विशेष प्रयासों और पैरवी के कारण ही उस मार्ग का नामकरण गुरु नानक देव मार्ग और प्रसिद्ध लोहामंडी चौक का नाम गुरु नानक देव चौक करवाया गया। इसके साथ ही मारुति स्ट्रीट चौराहे पर गुरु गोविंद सिंह जी के चारों साहिबजादों की पावन तस्वीरें लगाकर और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करके उसे एक भव्य और प्रेरणादायी स्थल के रूप में विकसित करने का कार्य भी उनके द्वारा लगातार किया जा रहा है।
पंजाब की विरासत: बच्चों को संस्कार देने का महाअभियान
आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों और शहादत के इतिहास से जोडऩे के लिए बंटी ग्रोवर हर साल दिसंबर के महीने में एक बेहद भव्य कार्यक्रम का आयोजन करते हैं जिसका नाम पंजाब की विरासत है। इस अनूठे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को प्रोत्साहित करना और उन्हें देश की सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराना है। पिछले साल इस कार्यक्रम के तहत बच्चों की एक इतनी विशाल और अभूतपूर्व मानव श्रृंखला बनाई गई थी जो बड़ते- बड़ते भगवान टॉकीज चौराहे से लेकर कलेक्ट्री परिसर तक पहुंच गई थी। इस ऐतिहासिक आयोजन की गूंज पूरे उत्तर प्रदेश के राजनैतिक और सामाजिक हलकों में सुनाई दी थी।
कोरोना महामारी में देवदूत बनकर किया सेवा कार्य
जब वर्ष 2020 2021 में पूरा देश कोरोना महामारी के भीषण दौर से गुजर रहा था और लोग इस अज्ञात बीमारी को छुआछूत की बीमारी समझकर अपनों से भी दूर भाग रहे थे उस बेहद डरावने समय में बंटी ग्रोवर ने अपनी जान की परवाह न करते हुए तत्कालीन एडीएम सिटी डॉक्टर शुभकांत अवस्थी और एसपी सिटी मोहन प्रमोद के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जमीन पर काम किया। उन्होंने शहर के कोने कोने में जाकर बेसहारा और फंसे हुए लोगों के लिए शेल्टर होम बनवाए तथा हजारों जरूरतमंदों के लिए भोजन और इलाज की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की। संकट के उस काल में उनके द्वारा किए गए कार्यों ने उन्हें जनता के दिलों में हमेशा के लिए स्थापित कर दिया। बंटी ग्रोवर जी का यह पूरा जीवन इस बात का जीवंत उदाहरण है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं है बल्कि यह समाज को जोडऩे और हर दिल में शांति की अलख जगाने का एक पवित्र माध्यम है।