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भागवत कथा में संगीतमय भजनों पर झूमे श्रद्धालु

पिनाहट। भगवान राम मर्यादा पुरुषोत्तम थे, जिन्होंने समाज में मर्यादा की स्थापना के लिए अनेक कष्ट सहे। वहीं, कृष्णावतार में भगवान ने दुष्टों को उनके कर्मों के अनुसार दंडित किया। यह बातें बसई अरेला के गांव पुरा रामनीक में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथावाचक आचार्य रमेश चंद महाराज ने श्रद्धालुओं को बताईं।

कथा के दौरान भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य रमेश चंद ने कहा कि भगवान ने पृथ्वी पर धर्म की रक्षा के लिए मर्यादा की स्थापना की है। भगवान ने इस अवतार में अनेक कष्टों को सहन कर यह संदेश दिया कि हमारे जीवन में कितनी ही विपत्तियां क्यों न आएं, हमें अपना धर्म कभी नहीं छोड़ना चाहिए।

कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जन्मावतार का प्रसंग आते ही पूरा पंडाल बालकृष्ण के जयकारों से गूंज उठा। गीत-संगीत और भजनों के साथ भगवान बालकृष्ण का जन्म महोत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तगण आनंद से सराबोर होकर नाचते-गाते रहे।

इस धार्मिक आयोजन के मुख्य आयोजक रामादेवी और राम अवतार टीकैत ने क्षेत्र के सभी लोगों से कथा में पहुंचकर पुण्य लाभ कमाने और धर्म लाभ उठाने की अपील की है।

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