चंपत राय और अनिल मिश्रा की विदाई तय, चढ़ावा चोरी से गर्लफ्रेंड को मिला आईफोन

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द हुक: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद मचे हड़कंप के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा की विदाई तय हो गई है; दोनों ने 26 जून को ही अपना इस्तीफा सौंप दिया था, जिसे आज सोमवार को होने वाली ट्रस्ट की बैठक में स्वीकार किया जा सकता है।

द इम्पैक्ट: इस मामले में पुलिस की जांच के दौरान बेहद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जहां आरोपी अविनाश शुक्ला द्वारा चोरी की रकम से अपनी गर्लफ्रेंड को आईफोन और ₹2 लाख कैश गिफ्ट करने, मकान बनाने और गाड़ी खरीदने के लिए लाखों रुपये ट्रांसफर करने की बात सामने आई है; महज 15 हजार रुपये महीने के वेतन पर काम करने वाले आरोपी के बैंक खातों की डिजिटल डिटेल खंगालने पर करोड़ों के हेरफेर और गबन का अंदेशा जताया जा रहा है।

द एक्शन: क्या पहली बार अयोध्या धाम के मणिराम दास छावनी के बजाय सीधे 'राम मंदिर परिसर' के अंदर बेहद गोपनीयता के साथ आयोजित हो रही ट्रस्ट की इस बैठक में, एसआईटी (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट और वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऑडिट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कोई ऐतिहासिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी?

लखनऊ/अयोध्या। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के बड़े मामले के सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की साख को बचाने के लिए बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। मंदिर प्रबंधन से लेकर चढ़ावे की रकम की गणना तक की जिम्मेदारी संभालने वाले दो बड़े पदाधिकारियों—महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा का हटना तय माना जा रहा है। दोनों अधिकारियों ने 26 जून को ही इस्तीफा दे दिया था, जिसकी आधिकारिक पुष्टि आज सोमवार की बैठक में होने की पूरी संभावना है।

पहली बार राम मंदिर परिसर में गुप्त बैठक

चढ़ावा चोरी के विवाद के कारण इस बार सुरक्षा और गोपनीयता बरतते हुए ट्रस्ट की बैठक का स्थान बदल दिया गया है। अब तक यह बैठकें मणिराम दास छावनी में होती रही हैं, लेकिन इस बार यह बैठक राम मंदिर परिसर के भीतर ही आयोजित की जा रही है। बैठक में कुल 15 सदस्यों में से एक-तिहाई बहुमत जो निर्णय लेगा, वही मान्य होगा। हालांकि, आमंत्रित सदस्य गोपाल राव पर भी सवाल उठने के कारण उन्हें इस बार बैठक में शामिल नहीं किया गया है। एजेंडे में दान-पात्रों से प्राप्त राशि की गणना के संबंध में एसआईटी (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट रखी जाएगी और मंदिर प्रबंधन की नई व्यवस्थाओं पर विचार होगा।

आरोपी बोले—"पहले भी हुई थी शिकायत, लेकिन बचा लिए गए"

पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला और अन्य सहयोगियों से जेल में हुई पूछताछ में यह बात सामने आई है कि कुछ महीनों पहले भी उन पर गड़बड़ी का शक होने पर शिकायत की गई थी, लेकिन ट्रस्ट के कुछ बड़े पदाधिकारियों ने तब उनको बचा लिया था, जिसके बाद हौसले बुलंद होने पर उन्होंने फिर से बड़ी रकम पार करना शुरू कर दिया। विहिप (VHP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने भी हाल ही में दिए इंटरव्यू में इस मामले को लेकर अपनी बात रखी है, जिससे और भी इस्तीफों की संभावना बढ़ गई है। स्वामी गोविंददेव गिरि (कोषाध्यक्ष, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट) का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, उसे दंड मिलना चाहिए।

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