'रामायण' के कपड़ों पर बवाल: सीता माता के लुक पर क्यों भड़के लोग? डिजाइनर्स के जवाब ने सबको चौंकाया!

916 readers

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही बहुचर्चित फिल्म 'रामायण' के ट्रेलर/झलकियां सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर किरदारों की स्टाइलिंग और कपड़ों को लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है। खासकर माता सीता के किरदार में साई पल्लवी के ब्लाउज व मॉडर्न कट और रानी कैकेयी के किरदार में लारा दत्ता की मैरून साड़ी, ग्रीन ब्लाउज व स्ट्रेट बालों (हेयरस्टाइल) को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

यूजर्स का आरोप है कि त्रेता युग के पौराणिक किरदारों का लुक आज के दौर की फैशनेबल साड़ियों या टीवी सीरियल्स जैसा लग रहा है।

डिजाइनर्स का पक्ष: 'पुरातत्व नहीं, मंदिर की छवि को ध्यान में रखा'

इंटरनेट पर जारी आलोचनाओं और ट्रोलिंग के बीच फिल्म के मशहूर कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिंपल और हरप्रीत नरूला ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इन डिजाइनों का बचाव किया है:

साई पल्लवी (सीता) के लुक पर रिंपल नरूला का जवाब:

रिंपल ने बताया कि उन्होंने सीता माता का लुक ऐतिहासिक या पुरातात्विक सबूतों के बजाय भावनाओं और आस्था को ध्यान में रखकर गढ़ा है। उन्होंने कहा, "जब मैं आंखें बंद करके माता सीता के बारे में सोचती हूं, तो मन में कोई पुरातात्विक साक्ष्य नहीं, बल्कि मंदिर और बचपन से बसी उनकी छवि आती है। उस दौर के कोई कपड़े आज सुरक्षित नहीं हैं। यह हमारा अपना कलात्मक दृष्टिकोण (Interpretation) है और यह फैसला सोच-समझकर लिया गया था।"

लारा दत्ता (कैकेयी) के रंगों का गणित:

हरप्रीत नरूला ने कैकेयी के लुक का बचाव करते हुए बताया कि उनके पहनावे के रंगों के पीछे गहरा अर्थ है। कपड़ों में इस्तेमाल किया गया हरा रंग वात्सल्य/ममता (Motherhood) को दर्शाता है, जबकि गहरा मैरून रंग उनके भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष और भावनात्मक मजबूती का प्रतीक है, क्योंकि वे अपने बेटे भरत और श्री राम के बीच फंसी हुई थीं।

'बिना फिल्म देखे जज न करें दर्शक'

डिजाइनर्स का कहना है कि रामायण जैसा महाकाव्य पीढ़ियों से लोगों के दिलों में बसा हुआ है, इसलिए इसकी कास्टिंग और विजुअल्स पर राय आना स्वाभाविक था और वे इसके लिए मानसिक रूप से तैयार थे।

उन्होंने दर्शकों से अपील की है कि वे महज कुछ सेकंड के टीज़र/ट्रेलर से राय न बनाएं, बल्कि फिल्म में इन रंगों और डिजाइनों के पीछे की पूरी कहानी को देखने के बाद ही अपना फैसला लें। उनका प्रयास इस प्राचीन महाकाव्य को नई पीढ़ी के सामने भव्य और प्रभावी विजुअल्स के साथ पेश करना है।

Related News

Share: