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पडुआ यूनिवर्सिटी में ‘आज़ाद कश्मीर’ विवाद: भारतीय छात्रों में आक्रोश, तत्काल कार्रवाई की मांग

Published On: November 24, 2025
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  • सांस्कृतिक कार्यक्रम में अलगाववादी एजेंडा!

पडुआ (इटली): इटली की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ पडुआ (University of Padua) में 21 नवंबर को छात्र समूह ‘साउथ एशियन्स @ यूनिपीडी'(South Asians @ UniPD) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम ने बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। इस इवेंट में कश्मीर को ‘एक स्वतंत्र राज्य’ के रूप में दर्शाया गया, जिसके बाद 150 से अधिक भारतीय और दक्षिण एशियाई छात्रों में गहरी नाराजगी फैल गई है।

‘सेपरेटिस्ट’ झंडे से भावनाएं आहत
छात्रों की शिकायत के अनुसार, सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर आयोजकों ने न केवल एक अलगाववादी कश्मीर झंडा (separatist Kashmir flag) प्रदर्शित किया, बल्कि जम्मू और कश्मीर के पूर्व राज्य ध्वज को भी दिखाया। छात्रों का कहना है कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद अगस्त 2019 से इस क्षेत्र का कोई अलग झंडा या स्वायत्त दर्जा नहीं है, और यह प्रस्तुति ‘जानबूझकर गलत बयानी’ थी।

कश्मीरी छात्र ने आयोजकों पर लगाया गुमराह करने का आरोप
मामले में शामिल एक कश्मीरी छात्र ने लिखित बयान देकर पुष्टि की है कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि आयोजक कश्मीर को स्वतंत्र रूप में प्रस्तुत करेंगे। इससे स्पष्ट होता है कि इवेंट के समन्वयकों ने छात्रों को गुमराह किया और राजनीतिक-अलगाववादी विचारों को एक सांस्कृतिक मंच पर बढ़ावा दिया।

150 से अधिक छात्रों ने किया विरोध
इस घटना से खुद को आहत, गलत तरीके से प्रस्तुत और असुरक्षित महसूस करते हुए, 150 से अधिक भारतीय और दक्षिण एशियाई छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को एक हस्ताक्षरित रेफरेंडम (हस्ताक्षरित विरोध पत्र) सौंपा है।
“जिस कार्यक्रम को सांस्कृतिक सद्भाव का प्रतीक होना चाहिए था, उसे राजनीतिक और अलगाववादी एजेंडे का मंच बना दिया गया। हम अपनी सुरक्षा और प्रतिनिधित्व को लेकर चिंतित हैं।”

48 घंटे का अल्टीमेटम: विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की तैयारी
छात्र समुदाय ने यूनिवर्सिटी ऑफ पडुआ से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसमें शामिल हैं:
*सार्वजनिक स्पष्टीकरण (Public Clarification)।
*आयोजकों की जवाबदेही (Accountability)।
*संबंधित छात्र समूह की समीक्षा (Review of the student group)।

छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन को जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया है। यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं की जाती है, तो छात्रों ने मामले को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) और मिलान स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास (Consulate General of India in Milan) तक ले जाने की चेतावनी दी है, ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को होने से रोका जा सके।

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