आगरा। जिला पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और हादसों के बाद त्वरित राहत सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति लागू करने का निर्णय लिया है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि दुर्घटना के दौरान आमजन की सहायता, सरकारी/निजी संपत्ति की सुरक्षा और तत्काल राहत कार्य करना पुलिस की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। पुलिस ने प्रत्येक थाना क्षेत्र में एओआर 20 किमी के दायरे में दुर्घटना-प्रवण स्थानों को चिन्हित कर विशेष टीमें गठित की हैं। किसी भी दुर्घटना की सूचना मिलते ही यह टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुँचेगी और राहत-बचाव कार्य को प्राथमिकता देगी। साथ ही दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, रात में निगरानी मजबूत करने तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए गए। तेज रफ्तार, लापरवाही व अवैध पार्किंग पर सख्ती, बैठक में चर्चा हुई कि सड़क हादसों के प्रमुख कारण तेज रफ्तार, ओवरटेकिंग, गलत दिशा में वाहन चलाना, अवैध पार्किंग और अव्यवस्थित यातायात हैं। इन समस्याओं के समाधान हेतु ट्रैफिक पुलिस व स्थानीय थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही सीसीटीवी निगरानी बढ़ाने और दुर्घटनास्थलों पर रिफ्लेक्टिव साइनेज लगाने की प्रक्रिया तेज करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में दुर्घटना-प्रवण ब्लैक स्पॉट्स का चिन्हीकरण कर वहां शीघ्र सुधार कार्य करने के निर्देश दिए गए। यातायात व्यवस्था को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, ट्रांसपोर्ट विभाग और अन्य एजेंसियों के साथ संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
अधिकारियों को ट्रैफिक सिग्नल, बैरिकेडिंग, स्ट्रीट लाइटिंग, डिवाइडर और रंबल स्ट्रिप्स की स्थिति का मूल्यांकन कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए। जन-जागरूकता कार्यक्रमों को भी व्यापक स्तर पर चलाने, यातायात अनुशासन को मजबूत करने और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
पुलिस उपयुक्त यातायात का निर्देश “हादसा हो, उससे पहले तत्परता हो”
कार्यशाला के अंत में पुलिस उपयुक्त यातायात सोनम कुमार ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपातकालीन प्रतिक्रिया के समय सुधार लाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी को एकजुट होकर सड़क सुरक्षा में निरंतर सुधार हेतु प्रेरित किया।





