जब हम रेलवे स्टेशन की कल्पना करते हैं, तो शोर और भीड़ दिमाग में आती है। लेकिन न्यूयॉर्क के दिल में बसा ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल किसी आलीशान महल से कम नहीं है। 48 एकड़ में फैला यह स्टेशन इतना विशाल है कि इसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दुनिया के सबसे बड़े रेलवे स्टेशन के तौर पर दर्ज है।
10 साल की मेहनत और 126 साल का सफरइस स्टेशन का निर्माण साल 1903 में शुरू हुआ और 1913 में यह बनकर तैयार हुआ। इसे बनाने में पूरे 10 साल लगे। आज यह स्टेशन सवा सौ साल से भी ज्यादा पुराना हो चुका है, लेकिन इसकी भव्यता आज भी हॉलीवुड की फिल्मों के लिए सबसे पसंदीदा लोकेशन बनी हुई है।
स्टेशन के अंदर बना एक सीक्रेट रास्ता-
इस स्टेशन की सबसे रोमांचक बात इसका सीक्रेट प्लेटफॉर्म है। यह प्लेटफॉर्म स्टेशन के पास स्थित ‘वॉल्डोर्फ एस्टोरिया होटल’ के ठीक नीचे बना है। कहा जाता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट इस गुप्त रास्ते का इस्तेमाल करते थे ताकि वे भीड़ से बच सकें और सीधे होटल में प्रवेश कर सकें। यह हिस्सा कभी भी आम जनता के लिए नहीं खोला गया, जो इसे और भी रहस्यमयी बनाता है।
प्रतिदिन सवा लाख यात्री-
इस स्टेशन पर रोजाना लाखों की भीड़ इकट्ठा होती है। रेलवे स्टेशन पर रोजाना 660 ट्रेनें रुकती हैं। हर दिन लगभग 1,25,000 यात्री इसमें इस स्टेशन से ट्रेनें पकड़ते हैं।
भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन-
भारत का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन कोलकाता का हावड़ा रेलवे स्टेशन है। यहां 23 प्लेटफॉर्म और 25 से अधिक पटरियां है।
अगर हम भारत की बात करें, तो यहाँ हावड़ा रेलवे स्टेशन सबसे बड़ा है। हालांकि ग्रैंड सेंट्रल के मुकाबले यहाँ प्लेटफॉर्म कम हैं, लेकिन इसकी अपनी एक अलग पहचान है। यहां 23 प्लेटफॉर्म और 25 से अधिक पटरियां है। यह भारत का सबसे व्यस्त और ऐतिहासिक स्टेशनों में से एक है। ग्रैंड सेंट्रल टर्मिनल को सिर्फ ट्रेन पकड़ने की जगह नहीं माना जाता। यहाँ की छत पर बनी ‘तारामंडल’ की पेंटिंग और मशहूर ‘ओपल क्लॉक’ (घड़ी) को देखने दुनिया भर से पर्यटक आते हैं।





