वंदे मातरम के 150 वर्ष और ‘ग्राम विकास कानून’ पर जोर, हंगामे के बीच गिनाईं उपलब्धियां
नई दिल्ली| राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए देश की प्रगति का नया रोडमैप पेश किया। उन्होंने पिछले दशक की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत अब अपनी शताब्दी के दूसरे चरण में प्रवेश कर चुका है, जहाँ ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य सबसे ऊपर है।
पूरे देश में ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष मनाए जा रहे हैं। राष्ट्रपति ने बंकिम चंद्र चटर्जी को नमन करते हुए संसद में हुई विशेष चर्चा की सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2026 के साथ देश इस शताब्दी के दूसरे पड़ाव पर है। पिछले 25 वर्षों की सफलताएं आने वाले समय की मजबूत नींव बनेंगी। गांवों के कायाकल्प के लिए ‘विकसित भारत-ग्राम विकास कानून’ का ऐलान।
रोजगार की नई गारंटी: 125 दिन का काम
संबोधन के दौरान राष्ट्रपति ने सबसे बड़ा ऐलान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर किया। उन्होंने बताया विकसित भारत-ग्राम विकास कानून के माध्यम से अब गांवों में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। यह सुधार ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान करेगा।
संसद में दिखा विरोधाभासी नजारा
राष्ट्रपति के संबोधन के दौरान सदन में दो अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं:
सत्ता पक्ष एनडीए और भाजपा सांसदों ने मेजें थपथपाकर नए कानून और उपलब्धियों का स्वागत किया। वहीं दूसरी ओर विपक्षी सांसदों ने इस नए कानून को लेकर अपनी असहमति जताई और खड़े होकर इसे वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी की।





