DM मनीष बंसल का महा-एक्शन! लापरवाही पर 10 अर्बन प्रभारियों सहित JSY के लापरवाह अफसरों का वेतन रोका; काम न करने वाली आशाएं
द हुक: जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की एक हाई-प्रोफाइल बैठक संपन्न हुई, जिसमें स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
द इम्पैक्ट: आशाओं द्वारा सहायतित प्रसव की ब्लॉकवार समीक्षा में डिलीवरी परफॉर्मेंस शून्य मिलने पर यूपीएचसी छत्ता, नगलापदी, वैभव नगर, नया घेर, सेवला, लोहामंडी-1, शाहगंज-1, बल्केश्वर, जगदीशपुरा और हरीपर्वत-ईस्ट के प्रभारियों का वेतन तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए हैं; इसके साथ ही जननी सुरक्षा योजना (JSY) में लाभार्थी भुगतान के निर्देशों का अनुपालन न करने पर जिला महिला अस्पताल, एसएन मेडिकल कॉलेज, बिचपुरी, फतेहाबाद, पिनाहट और खैरागढ़ के संबंधित प्रभारियों से जवाब तलब करते हुए उनका भी वेतन रोक दिया गया है।
The Action: हाल ही में संपन्न हुए पोलियो अभियान में कार्य न करने वाली और निष्क्रिय आशाओं को चिह्नित कर उन्हें सेवा से हटाने का प्रस्ताव तैयार करने के कड़े आदेश के बाद, क्या प्रशासन का यह हंटर आगरा की चरमराई स्वास्थ्य सेवाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों (जैसे- संचारी रोग अभियान, मुफ़्त चश्मा वितरण, टीकाकरण और कुष्ठ उन्मूलन) के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पटरी पर ला पाएगा?
आगरा। जिलाधिकारी श्री मनीष बंसल ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में विगत बैठक की अनुपालन आख्या तलब करते हुए स्पष्ट किया कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना और योजनाओं का लाभ पात्रों तक पहुंचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में जेएसवाई मंत्रा पोर्टल (JSY Mantra Portal) के अंतर्गत भुगतान वेरिफिकेशन में लापरवाही बरतने वाले प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और हर सप्ताह इसकी समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने व्यवस्था दी कि प्रसूता के प्रसव के तत्काल बाद मेडिकल स्टाफ उसे योजना की पूरी जानकारी देगा और 'इंडियन पोस्टल पेमेंट बैंक' से समन्वय कर मौके पर ही बैंक खाता खुलवाने के बाद ही अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा।
मृत्यु दर पर सख्ती और बर्थ डिफेक्ट्स के लिए नई सुविधाएं
बैठक में मातृ मृत्यु के 2 मामलों और सिक न्यू-बॉर्न केयर यूनिट (SNCU) में अप्रैल माह के दौरान दर्ज हुई 5 नवजात मृत्यु दर की केस स्टडी रिपोर्ट तलब कर जवाब मांगा गया। साथ ही, बच्चों में बर्थ डिफेक्ट (जैसे- फटे होंठ, तालु, जन्मजात बहरापन, डाउन सिंड्रोम) की पहचान के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के सहयोग से स्कूलों में सर्वे करने और जिला अस्पताल में बर्थ डिफेक्ट सर्जरी व जन्मजात बहरेपन की पहचान हेतु साउंड रूम (Sound Room) आदि सुविधाओं को विकसित करने का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया। संचारी रोग अभियान के तहत डेंगू किट की उपलब्धता सुनिश्चित करने और बुखार के हर केस में कंपलसरी जांच के निर्देश दिए गए।
लखनऊ के चक्करों से मुक्ति और 'आयुष्मान मंदिर' की सफलता
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने एक बड़ी राहत साझा करते हुए बताया कि अब आयुष्मान कार्ड में आई त्रुटियों (जैसे- पिता का नाम, पता, उम्र या गलत आधार नंबर अपलोड होना) को जिला स्तर से ही सुधारा जा सकेगा, जिससे कार्ड बनाने में तेजी आएगी और जनता को लखनऊ नहीं जाना पड़ेगा। बताया गया कि विगत माह 4781 आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं। इसके अलावा, जनपद के सभी आयुष्मान मंदिरों को नेशनल सर्टिफिकेट दिलाने की प्रक्रिया के तहत 24 को प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है और शेष का राज्य स्तरीय मूल्यांकन जारी है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) श्रीमती प्रतिभा सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, डीपीएम डॉ. कुलदीप भारद्वाज, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखेश गुप्ता, उपमुख्यचिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति, डॉ. एस.के. राहुल, जिला मलेरिया अधिकारी श्री राजेश गुप्ता सहित यूनिसेफ (UNICEF) और डब्ल्यूएचओ (WHO) के प्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद रहे।