गोवर्धन मुड़िया मेला: सुरक्षा कारणों से रात में प्रतिबंधित रहेगी कच्ची परिक्रमा, श्रद्धालुओं पर होगी हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा
मथुरा। गोवर्धन के विश्व प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियाँ तेज कर दी हैं। 23 जुलाई से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाले इस मेले को लेकर बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
कच्ची परिक्रमा मार्ग पर रहेगा प्रतिबंध
मेला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि मेले के दौरान कच्ची परिक्रमा मार्ग को रात भर प्रतिबंधित रखा जाएगा। प्रशासन के अनुसार, इस मार्ग पर रात में अंधेरा रहता है और संरक्षित क्षेत्र होने के कारण जंगली जानवरों के हमले का खतरा बना रहता है, जिसके चलते रात में यहाँ आवागमन सुरक्षित नहीं है।
सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं
मेला प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं:
मेला क्षेत्र का विभाजन: सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 9 जोन में विभाजित किया गया है।
पुलिस तैनाती: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 10 पेट्रोलिंग पार्टियां निरंतर भ्रमण करेंगी और सहायता के लिए अस्थायी पुलिस चौकियां भी स्थापित की जाएंगी।
यातायात प्रबंधन: जाम की स्थिति से बचने के लिए बसों में 'डबल ड्राइवर' की व्यवस्था की गई है और बसों को कहीं भी सड़क पर खड़ा होने की अनुमति नहीं होगी।
पुष्प वर्षा: मेला अधिकारी ने पूरे परिक्रमा मार्ग पर परिक्रमार्थियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्प वर्षा करने के निर्देश दिए हैं।
अन्य सुविधाएं: नगर पंचायत गोवर्धन द्वारा मानसी गंगा में रंगीन फव्वारे लगाए जाएंगे और श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा व बिजली की विशेष व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को अपनी तैयारियाँ 12 जुलाई तक पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक में कमिश्नर नागेंद्र प्रताप, एडीजी एसके भगत, जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह सहित जिले के वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी और संत समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।