पारिवारिक संस्कारों की नींव पर कम उम्र में सफलता का नया इतिहास रचने वाले मिल्की स्कूप आइसक्रीम के संस्थापकों की कहानी
दयालबाग संस्थान से डेयरी टेक्नोलॉजी की डिग्री लेकर कम उम्र में सफलता का इतिहास रचने वाले कुंडौल के युवा उद्यमी गगन उपाध्याय
- शुरुआत में ही लगा कोविड लॉकडाउन फिर भी विवेक उपाध्याय और गगन उपाध्याय के अटूट धैर्य से कैसे बुलंदियों पर पहुँचा मिल्की स्कूप आइसक्रीम ब्रांड
- पारिवारिक संस्कारों और तकनीकी शिक्षा के बल पर आइसक्रीम निर्माण से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र तक धाक जमाने वाले आगरा के गगन उपाध्याय पर विशेष आलेख
- आपदा को अवसर में बदलने वाले नई उम्र के युवाओं के सच्चे प्रेरणास्रोत मिल्की स्कूप वाले गगन उपाध्याय की अनूठी कहानी
आज के इस आधुनिक और तीव्र व्यावसायिक दौर में जहाँ सफलता पाने के लिए लोग अक्सर अपनी जड़ों और पारिवारिक मूल्यों को भूल जाते हैं वहीं दूसरी तरफ आगरा की पावन धरा पर एक ऐसे विरले और विलक्षण युवा उद्यमी ने जन्म लिया है जिसने अपने पारिवारिक संस्कारों की मजबूत नींव पर मेहनत का ऐसा महल खड़ा किया है जिसकी चमक आज पूरे क्षेत्र में बिखर रही है। आगरा के कुंडौल निवासी गगन उपाध्याय आज इसी ऊर्जावान और नीतिवान युवा पीढ़ी के सबसे बड़े गौरव बनकर उभरे हैं। गगन उपाध्याय ने बेहद कम उम्र में अपनी अद्भुत कार्यक्षमता और अनवरत पुरुषार्थ के बल पर व्यापार के क्षेत्र में वह अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है जिसे पाने में लोगों की पूरी उम्र गुजर जाती है। वे आज के युवाओं के लिए स्वावलंबन की एक नई और जीवंत मिसाल बन चुके हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र में भी बिखेरा अपनी बहुमुखी प्रतिभा का जलवा
एक सच्चे और दूरदर्शी उद्यमी की पहचान यही होती है कि वह केवल एक ही क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता बल्कि अपनी बहुमुखी प्रतिभा से नए आसमान छूता है। गगन उपाध्याय जी ने आइसक्रीम निर्माण उद्योग में अपार सफलता प्राप्त करने के साथ साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र में भी बहुत ही सक्रिय और प्रभावी रूप से अपने कदम बढ़ाए हैं। इस बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भी उन्होंने अपनी ईमानदारी समयबद्धता और उच्च गुणवत्ता के बल पर बहुत ही कम समय में अपनी एक मजबूत और विश्वसनीय पहचान स्थापित की है। क्षेत्र के विकास और आधुनिक निर्माण कार्यों में उनका यह योगदान उनके उज्जवल व्यावसायिक भविष्य और उनकी प्रखर निर्माण कला का जीवंत प्रमाण है।
पारिवारिक विरासत और उच्च संस्कारों को सहेजकर हासिल किया ऐतिहासिक मुकाम
गगन उपाध्याय की इस संपूर्ण और भव्य सफलता की सबसे बड़ी पूंजी उनके पारिवारिक संस्कार और बुजुर्गों से मिली सीख है। इतनी कम उम्र में और इतनी बड़ी सफलता प्राप्त करने के बाद भी गगन के व्यक्तित्व में गजब की विनम्रता सहजता और अपनत्व साफ दिखाई देता है। वे आज भी अपने परिवार की महान सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। कुंडौल क्षेत्र की जनता उनके इसी मिलनसार व्यवहार और समाज के प्रति सेवा भाव के कारण उन पर असीम स्नेह और आशीर्वाद बरसाती है। अपनी कड़ी मेहनत ऊंचे आदर्शों और अटूट संकल्प के बल पर गगन उपाध्याय ने यह सिद्ध कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों और संस्कारों का साथ हो तो सफलता स्वयं आपके कदम चूमती है।
दयालबाग संस्थान से ली डेयरी टेक्नोलॉजी की शिक्षा और भाई विवेक उपाध्याय के साथ की शुरुआत
गगन उपाध्याय की इस ऐतिहासिक व्यावसायिक यात्रा की नींव बहुत ही मजबूत और तकनीकी शिक्षा पर आधारित है। गगन और उनके भाई विवेक उपाध्याय ने आगरा के सुप्रसिद्ध दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से डेयरी टेक्नोलॉजी में बाकायदा डिग्री प्राप्त की है। इस तकनीकी शिक्षा और विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए दोनों भाइयों ने मिलकर मिल्की स्कूप आइसक्रीम स्टार्टअप की नींव रखी। इस ब्रांड के मुख्य संस्थापक उनके भाई विवेक उपाध्याय हैं जिन्हें आइसक्रीम निर्माण और उत्पाद विकास का बहुत ही गहरा और व्यावहारिक अनुभव है। इन दोनों भाइयों की जुगलबंदी ने शिक्षा को सही मायने में एक सफल और आत्मनिर्भर व्यवसाय में बदल कर पूरे आगरा संभाग के सामने एक शानदार उदाहरण पेश किया है।
शुरुआत में ही लगा कोविड का भयंकर लॉकडाउन लेकिन धैर्य और संकल्प से पाई विजय
इस युवा उद्यमी के हौसले और दृढ़ निश्चय की असली परीक्षा तब हुई जब संयोगवश जिस समय इस शानदार स्टार्टअप की शुरुआत हुई ठीक उसी समय पूरे देश में कोविड 19 का भयंकर लॉकडाउन लागू हो गया। वह दौर किसी भी नए व्यवसाय और उद्यमी के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण और कमर तोड़ने वाला था क्योंकि चारों तरफ अनिश्चितता का माहौल था। ऐसी विकट और कठिन परिस्थितियों में भी गगन उपाध्याय और उनके भाई विवेक उपाध्याय ने अपना धैर्य दृढ़ निश्चय और आत्मविश्वास रत्ती भर भी कम नहीं होने दिया। विपरीत हालातों के सामने घुटने टेकने के बजाय दोनों भाइयों ने निरंतर प्रयास जारी रखे और अपनी अटूट मेहनत के बल पर मिल्की स्कूप को एक बेहद सफल और भरोसेमंद आइसक्रीम ब्रांड के रूप में बाजार में स्थापित करके ही दम लिया।
गुणवत्ता और नवाचार को दी सर्वोच्च प्राथमिकता तथा जर्मनी तक फैलाया अपना पूरा काम
आज मिल्की स्कूप ब्रांड की सबसे बड़ी यूएसपी यानी विशेषता उसकी उच्च गुणवत्ता बेहतरीन स्वाद नया नवाचार और शत प्रतिशत ग्राहक संतुष्टि है जिसे दोनों भाई अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता मानते हैं। गगन उपाध्याय ने आइसक्रीम निर्माण उद्योग में अपार सफलता प्राप्त करने के साथ साथ इंफ्रास्ट्रक्चर और निर्माण क्षेत्र में भी बहुत ही सक्रिय और प्रभावी रूप से अपने कदम बढ़ाए हैं। इतनी कम उम्र में और इतनी बड़ी सफलता प्राप्त करने के बाद भी गगन के व्यक्तित्व में गजब की विनम्रता सहजता और अपनत्व साफ दिखाई देता है। कुंडौल क्षेत्र की जनता उनके इसी मिलनसार व्यवहार और समाज के प्रति सेवा भाव के कारण उन पर असीम स्नेह और आशीर्वाद बरसाती है।