एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे से हिला शेयर बाजार! TCS और Tata Motors समेत टाटा के स्टॉक्स क्रैश; जानिए क्यों डरे निवेशक
बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में उस वक्त अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली, जब टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन (N. Chandrasekaran) के इस्तीफे की खबर सामने आई। इस खबर के आते ही टाटा ग्रुप की प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।

फ्लैट ओपनिंग करने वाला सेंसेक्स खबर के बाद 592 अंक तक फिसल गया, वहीं निफ्टी में भी 200 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। विशेष रूप से निफ्टी आईटी इंडेक्स 2% से ज्यादा टूट गया।
टाटा के प्रमुख शेयरों का हाल (शेयरों में बड़ी गिरावट)
टाटा संस के चेयरमैन के इस्तीफे की खबर का सबसे बड़ा असर समूह की सबसे बड़ी और प्रमुख कंपनी TCS पर पड़ा, जिसके शेयर 5% से अधिक टूट गए।
TCS: 5.03% की गिरावट के साथ ₹2317.55 पर आ गया।
Tata Motors: 3.72% की गिरावट के साथ ₹336.00 पर बंद हुआ।
Tata Consumer: 3.01% गिरकर ₹1055.20 पर पहुँचा।
Tata Steel: 2.26% की गिरावट के साथ ₹184.15 पर आ गया।
Tata Communications: 1.51% गिरकर ₹1720.50 पर पहुँचा।
Tata Power: 1.33% से अधिक गिरकर ₹374.85 के आसपास कारोबार करता दिखा।
Trent: 0.7% की गिरावट के साथ ₹2987 पर पहुँचा।
क्यों आई शेयरों में अचानक गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों और निवेशकों के लिए यह इस्तीफा केवल एक शीर्ष पद पर बदलाव नहीं है, बल्कि इससे ग्रुप के भावी नेतृत्व और भावी रणनीतियों को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गई है:
नेतृत्व को लेकर असमंजस: निवेशकों के मन में सवाल है कि टाटा संस का अगला चेयरमैन कौन होगा और क्या समूह की वर्तमान विकास योजनाएं इसी गति से जारी रहेंगी।
टाटा ट्रस्ट्स और चेयरमैन के बीच मतभेद: खबरों के मुताबिक, टाटा संस में 66% हिस्सेदारी रखने वाले 'टाटा ट्रस्ट्स' और चेयरमैन के बीच खींचतान की खबरों ने निवेशकों को मुनाफावसूली (Profit Booking) करने पर मजबूर किया।
N. Chandrasekaran का टाटा समूह में योगदान
साल 2017 से टाटा संस की कमान संभाल रहे 63 वर्षीय एन. चंद्रशेखरन को रतन टाटा का बेहद करीबी माना जाता है। उनके कार्यकाल में टाटा समूह ने एयरलाइंस (एयर इंडिया का अधिग्रहण), सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, बैटरी और डिजिटल बिजनेस जैसे नए दौर के क्षेत्रों में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
हालांकि, उन्होंने दोबारा चेयरमैन बनने से इंकार किया है, फिर भी वे फरवरी 2027 तक अपने मौजूदा कार्यकाल को पूरा करेंगे। 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की एजीएम (AGM) से ठीक पहले आए इस फैसले ने बाजार में हलचल तेज कर दी है।