कैलाश मेले से ठीक पहले बदला मौसम: क्या सच में भक्तों की पुकार सुनकर बरसे भोलेनाथ?

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विश्व प्रसिद्ध कैलाश मेले से ठीक एक दिन पहले रविवार को मौसम ने अचानक ऐसा रुख बदला कि हर कोई हैरान रह गया। पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान शहरवासियों के लिए राहत की फुहारें किसी चमत्कार से कम नहीं थीं। खास बात यह रही कि सुबह करीब 9:30 बजे हुई यह बारिश सिर्फ कैलाश मंदिर, कैलाश मोड़ और सिकंदरा क्षेत्र के आसपास ही सीमित रही, जिससे आस्था और विश्वास का एक अनूठा माहौल बन गया।

भीषण गर्मी के बीच अचानक राहत की फुहारें

रविवार सुबह से मौसम शांत था, लेकिन देखते ही देखते आसमान में बादल छाए और झमाझम बारिश शुरू हो गई। हैरानी की बात यह है कि आस पास के बाकी हिस्सों में मौसम सूखा रहा, जबकि सिर्फ कैलाश मेला क्षेत्र और उसके आसपास के रूट पर मेघ मेहरबान हुए।

सावन के तीसरे सोमवार की आस्था और भक्तों का विश्वास

कल यानी सावन मास का तीसरा सोमवार है, जिसे लेकर कैलाश महादेव के दरबार में भव्य मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस चमत्कारिक और चुनिंदा बारिश को लेकर स्थानीय श्रद्धालुओं और भक्तों में गहरी आस्था देखी जा रही है।

भक्तों का मानना है कि यह और कुछ नहीं बल्कि भोलेनाथ की विशेष कृपा है। मेले से ठीक एक दिन पहले बाबा ने खुद अपने दरबार और आने वाले भक्तों की राह को ठंडक पहुंचाने के लिए यह बारिश भिजवाई है, ताकि श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।

मेले की तैयारियां जोरों पर

बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया है और कैलाश मंदिर परिसर में कांवरियों व शिवभक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। प्रशासन और आयोजकों द्वारा सुरक्षा, साफ-सफाई और रोशनी के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि कल सोमवार के पावन अवसर पर लाखों श्रद्धालु बिना किसी बाधा के भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर सकें।

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