पंचायत सहायकों को बड़ी राहत: मानदेय बढ़कर ₹9,000 हुआ, लेकिन लापरवाही बरतने वाले 40 सहायकों पर गिरी गाज
आगरा। उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों और एकाउंटेंट-कम-डाटा एंट्री ऑपरेटरों के लिए राहत और सख्ती, दोनों से भरी खबर सामने आई है। शासन ने पंचायत सहायकों के मानदेय में बढ़ोतरी कर दी है, वहीं दूसरी ओर कर्तव्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
मानदेय में ₹3,000 की बढ़ोतरी, सितंबर 2026 से लागू
जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) मनीष कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश शासन ने पंचायती राज विभाग के 25 जुलाई 2021 वाले शासनादेश के प्रस्तर-14 में संशोधन किया है।
पहले का मानदेय: ग्राम पंचायतों में संविदा पर कार्यरत पंचायत सहायकों को अब तक ₹6,000 प्रतिमाह दिए जाते थे।
नया मानदेय: संशोधन के बाद अब इन्हें ₹9,000 प्रतिमाह का भुगतान किया जाएगा।
कब से लागू: यह बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर 2026 से प्रभावी और देय होगा।
कहां से होगा भुगतान?
मानदेय का यह भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा वित्त आयोग की धनराशि, ग्राम निधि एवं अन्य योजनाओं के प्रशासनिक मद में उपलब्ध बजट से किया जाएगा।
ऑनलाइन उपस्थिति न लगाने वाले 40 सहायकों को नोटिस
एक तरफ जहां सरकार ने मानदेय बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर कार्यप्रणाली को लेकर सख्ती भी दिखाई है।
जनपद आगरा में 40 पंचायत सहायक लगातार ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे हैं। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत राज अधिकारी ने इन सभी 40 पंचायत सहायकों को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी किया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार ने कहा , "यदि इन पंचायत सहायकों का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनकी सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी और नई भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया जाएगा, ताकि ग्राम पंचायतों का विकास कार्य प्रभावित न हो।"