वोट चोरी पर AAP का हल्लाबोल, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन
नई दिल्ली। चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध तेज करने का फैसला किया है। पार्टी की ओर से 15 अक्टूबर को दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया को तत्काल रद्द करने की मांग उठाई जाएगी। AAP नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता की कमी है। पार्टी का कहना है कि यदि मतदाता सूची में बिना पर्याप्त जांच के नाम जोड़े या हटाए जाते हैं, तो इससे लाखों मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। AAP ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए चुनाव आयोग से पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देने की मांग की है।
पार्टी का कहना है कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उसकी जिम्मेदारी सभी राजनीतिक दलों तथा मतदाताओं का विश्वास बनाए रखना है। AAP नेताओं के मुताबिक, चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का समाधान सार्वजनिक रूप से किया जाना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है और कई लोगों को अपने नाम सूची में बनाए रखने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने पड़ रहे हैं।
प्रदर्शन की तैयारियों को लेकर AAP के वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पार्षदों और संगठन के पदाधिकारियों के बीच बैठकें की जा रही हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं को बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जुटाया जा रहा है। AAP ने कहा है कि यह प्रदर्शन केवल पार्टी का राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव की मांग को लेकर जनआंदोलन होगा। पार्टी नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएं। AAP का कहना है कि उसका उद्देश्य चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और मतदाता सूची से जुड़े मामलों में जवाबदेही तय करना है। पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक SIR प्रक्रिया पर पुनर्विचार नहीं किया जाता और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर जवाब नहीं मिलता, तब तक उसका विरोध जारी रहेगा।
AAP के इस ऐलान के बाद दिल्ली की राजनीति में भी हलचल बढ़ गई है। पार्टी के नेता लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस और जनसभाओं के जरिए लोगों को इस मुद्दे से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा सकती है।अब सभी की नजरें 15 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन पर हैं। इस दौरान AAP अपने आरोपों और मांगों को किस तरह सामने रखती है और चुनाव आयोग या सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं है।