मेरठ ब्लू ड्रम केस: मुस्कान और साहिल को फांसी, सौरभ की मां ने बच्ची को अपनाने से किया इनकार
मेरठ। सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई। फैसले के बाद सौरभ की मां रेनू देवी ने न्यायालय के निर्णय पर संतोष जताया और दोनों दोषियों को कड़ी सजा मिलने की बात कही। वहीं, उन्होंने जेल में जन्मी मुस्कान की बेटी को अपनाने से इनकार कर दिया। रेनू देवी ने बच्ची के पितृत्व को लेकर सवाल उठाते हुए दावा किया कि वह सौरभ की बेटी नहीं, बल्कि साहिल शुक्ला की संतान है। परिवार ने इस संबंध में डीएनए जांच कराने से भी इनकार किया है।
रेनू देवी फैसले से पहले ही अदालत पहुंच गई थीं। उन्होंने कहा कि उनका परिवार बेटे की हत्या के मामले में न्याय चाहता था और अदालत के निर्णय से वह संतुष्ट है। उन्होंने दोषियों को जल्द सजा दिए जाने की मांग भी की। हालांकि, मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद भी संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है।
मुस्कान की बेटी का जन्म 24 नवंबर 2025 को जेल में हुआ था। यह तारीख सौरभ राजपूत के जन्मदिन की भी बताई गई है। रेनू देवी के अनुसार, बच्ची के जन्म के समय साहिल ने मिठाई खिलाकर खुशी जताने की बात कही थी। परिवार ने स्पष्ट किया कि वह बच्ची को अपनाने और उसके पितृत्व की जांच कराने के पक्ष में नहीं है। हालांकि, बच्ची के जैविक पिता को लेकर परिवार के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
सौरभ राजपूत हत्याकांड मार्च 2025 में सामने आया था। मेरठ में उनका शव नीले प्लास्टिक के ड्रम में मिला था, जिसे सीमेंट से बंद किया गया था। पुलिस जांच के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया गया। मामले ने देशभर में व्यापक चर्चा बटोरी थी।
इस मामले में अदालत के फैसले के साथ बच्ची के भविष्य और उसके अधिकारों का सवाल भी जुड़ा है। बच्ची को उसके माता-पिता के खिलाफ लगे आरोपों या न्यायालय के फैसले के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उसके पितृत्व और देखभाल से जुड़े किसी भी निर्णय में लागू कानून और बच्चे के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखना जरूरी होगा।