खड़गे के बयान पर सियासी संग्राम, मोदी के खिलाफ टिप्पणी से भड़की भाजपा

307 readers

आगरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित विवादित टिप्पणी पर सियासी घमासान छिड़ गया है। बिहार की राजधानी पटना में एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए बयान को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने खड़गे की भाषा पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। वहीं, भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस राजनीतिक विरोध के नाम पर व्यक्तिगत टिप्पणियों की सीमा लांघ रही है।

पटना के कार्यक्रम में क्या हुआ?

यह पूरा विवाद पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। यहां खड़गे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का जिक्र कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में शामिल लोगों को जेल भेजा जाएगा। इसी दौरान श्रोताओं में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर टिप्पणी की। इसके जवाब में खड़गे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बयान के सामने आने के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष को घेरना शुरू कर दिया।

कार्यक्रम में व्यवधान डालने वाले व्यक्ति की पहचान संतोष कुमार के रूप में बताई गई। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने बाद में सफाई दी कि उनकी बात को गलत समझा गया। उनका कहना था कि उन्होंने कहा था कि जब तक विद्रोह नहीं होगा, मोदी नहीं जाएंगे। हालांकि, उनकी टिप्पणी का एक हिस्सा ही सुना गया और उसका गलत अर्थ निकाला गया।

अमित शाह बोले- कांग्रेस में बढ़ रही हताशा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए खड़गे के बयान को प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति अनुचित टिप्पणी बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करती रही है।शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार के कारण पार्टी में हताशा और निराशा बढ़ी है। उनके मुताबिक, कांग्रेस के पास अब नीतियों और मुद्दों की कमी है और वह आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रधानमंत्री या उनके परिवार के खिलाफ की गई टिप्पणियों का जवाब जनता चुनावों में देती रही है।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी खड़गे के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पटना में प्रधानमंत्री के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा कांग्रेस की वैचारिक कमजोरी को दर्शाती है। नवीन ने जोर दिया कि राजनीतिक विरोध गरिमा और संयम के साथ व्यक्त किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंचों से दिवंगत परिजनों को राजनीतिक भाषणों में घसीटना विपक्ष की राजनीति का हिस्सा बनता जा रहा है। भाजपा ने भी सोशल मीडिया पर बयान जारी कर खड़गे की टिप्पणी को एक राजनीतिक नेता के पद की गरिमा के अनुरूप नहीं बताया।खड़गे की टिप्पणी के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा ने इसे राजनीतिक शिष्टाचार से जोड़ते हुए कांग्रेस नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं। वहीं, पूरे विवाद के केंद्र में पटना के कार्यक्रम में हुई टिप्पणी और उसके जवाब में दिए गए बयान हैं। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर देश की राजनीति में नेताओं की भाषा और सार्वजनिक मंचों पर मर्यादा को लेकर बहस छेड़ दी है।

Related News

Share: