ब्रज क्षेत्र में संतुलन की दरकार

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति और आर्थिकी में आगरा और मथुरा हमेशा से दो मजबूत स्तंभ रहे हैं। लेकिन हाल के वर्षों में विकास के नाम पर इन दोनों ऐतिहासिक नगरों के बीच एक अनकही और अदृश्य स्पर्धा शुरू हो गई है। एक ओर जहाँ मथुरा को 'धर्म और आस्था' के नाम पर अभूतपूर्व बजटीय आवंटन और वैश्विक बुनियादी ढांचा मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर 'ताज नगरी' आगरा विकास और औद्योगिक विस्तार के मोर्चे पर खुद को उपेक्षित और पीछे छूटता हुआ महसूस कर रही है। यह असंतुलन केवल दो शहरों की होड़ नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित करने वाला एक गंभीर विषय है इसमें कोई दो राय नहीं है कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और धार्मिक पर्यटन के दौर में मथुरा, वृंदावन और गोवर्धन का कायाकल्प होना समय की मांग थी। 'ब्रज तीर्थ विकास परिषद' के माध्यम से जिस तरह कृष्ण सर्किट को संवारा गया है, उसने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई उड़ान दी है। लेकिन राजनीति जब धर्म के नैरेटिव को विकास के वास्तविक पैमानों से ऊपर रख देती है, तो आगरा जैसे स्थापित औद्योगिक और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्रों का दम घुटने लगता है। आगरा से लगातार बड़े प्रोजेक्ट्स का खिसकना, नए उद्योगों के लिए नीतिगत उदासीनता और नागरिक सुविधाओं का अभाव स्थानीय जनता और व्यापारिक संगठनों में एक गहरी हताशा पैदा कर रहा है। ताज के साए में जीने वाले इस शहर को केवल एक 'सिंगल-टूरिज्म' डेस्टिनेशन मान लेना नीतिगत भूल है। राजनीतिक दृष्टिकोण से देखें तो 'धर्म बनाम विकास' की यह स्पर्धा आने वाले चुनावों में एक नया मोड़ ले सकती है। यदि आगरा की जनता में यह संदेश गहरा गया कि केवल 'धार्मिक नैरेटिव' वाले शहरों को ही प्राथमिकता मिलेगी, तो यह क्षेत्रीय असंतोष सत्ताधारी दलों के लिए चुनावी समीकरण बिगाड़ सकता है। राजनीति को यह समझना होगा कि आस्था से भावनाएं तृप्त हो सकती हैं, लेकिन रोजगार, उद्योग और विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं ही किसी समाज के स्थायी विकास की नींव रखती हैं। समय आ गया है कि शासन और प्रशासन इस क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करे। मथुरा की आस्था का सम्मान करते हुए आगरा के औद्योगिक गौरव को लौटाना होगा। यदि सरकारें इन दोनों शहरों के बीच एक स्वस्थ और संतुलित समन्वय बनाने में नाकाम रहीं, तो यह स्पर्धा विकास की नहीं, बल्कि एक गहरे राजनीतिक और सामाजिक विभाजन की वजह बन जाएगी।

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