फतेहपुर सीकरी की राजनीति के बेबाक नायक और युवाओं के चहेते जीडी चाहर

3 readers

फतेहपुर सीकरी की माटी के बेबाक और दबंग युवा जननायक जीडी चाहर के राजनैतिक संघर्ष की पूरी कहानी

- संघ के स्वयंसेवक से लेकर विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक तक जानिए कैसे तपा है जीडी चाहर का यह सांगठनिक व्यक्तित्व

- छात्रसंघ उपाध्यक्ष पद की ऐतिहासिक विजय से लेकर क्षेत्र के सामाजिक कार्यों में सर्वोच्च योगदान देने वाले युवाओं के चहेते जीडी चाहर

- फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र में युवाओं की पहली पसंद और निडर छवि के धनी जीडी चाहर की प्रखर राजनीति

जब किसी क्षेत्र की राजनीति में एक ऐसा युवा नेतृत्व उभरता है जिसके पास सांगठनिक निष्ठा का लंबा अनुभव हो और जनता की सेवा करने का निडर जज्बा हो तो वह समूचे समाज का सिरमौर बन जाता है। फतेहपुर सीकरी की पावन और ऐतिहासिक राजनैतिक धरा पर इस समय एक ऐसा ही दबंग बेबाक और लोकप्रिय चेहरा अपनी प्रखर पहचान बना चुका है जिसे लोग जीडी चाहर के नाम से जानते है। अपनी बेबाक छवि अपनी कड़क कूटनीति और सामाजिक कार्यों में निरंतर सक्रिय रहने की वजह से जीडी चाहर आज फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र के युवाओं की सबसे पहली और सबसे पसंदीदा पसंद बन चुके हैं। उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे किसी भी मंच पर अपनी बात को बिना किसी भय के बहुत ही कड़े और साफ शब्दों में रखते हैं जिससे समाज का शोषित वर्ग स्वयं को उनके बहुत करीब महसूस करता है।

### संघ के प्राथमिक वर्ग से शुरू हुआ राष्ट्र सेवा का पावन सफरनामा

जीडी चाहर के इस गौरवमयी राजनैतिक सफर की नींव आज से दो दशक पहले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रवादी वैचारिक पाठशाला में पड़ी थी। उन्होंने वर्ष 2004 में अत्यंत कम आयु में संघ के प्राथमिक शिक्षा वर्ग के स्वयंसेवक के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी। इसके पश्चात राष्ट्र सेवा के इसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने वर्ष 2006 में संघ शिक्षा वर्ग प्रथम वर्ष का कड़ा प्रशिक्षण पूरी निष्ठा के साथ प्राप्त किया जिससे उनके भीतर राष्ट्रवाद और समाज सेवा के संस्कार और गहरे हो गए। संघ की इसी कड़े अनुशासन की पृष्ठभूमि ने उनके व्यक्तित्व को एक ऐसी मजबूत ऊर्जा प्रदान की जिसके बल पर वे आगे चलकर छात्र राजनीति और मुख्यधारा की राजनीति के एक बड़े स्तंभ बनकर उभरे।

विद्यार्थी परिषद में सांगठनिक कूटनीति और छात्रसंघ चुनाव में ऐतिहासिक विजय

वर्ष 2008 में जीडी चाहर देश के सबसे बड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जीवंत संपर्क में आए और इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। वर्ष 2009 में परिषद के अभ्यास वर्ग को पूरा करने के बाद उनकी अद्भुत नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें जिला संयोजक और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण और सांगठनिक जिम्मेदारियां सौंपी गईं। अपनी प्रखर कार्यशैली के बल पर उन्होंने कॉलेज परिसरों से लेकर सड़कों तक छात्रों की आवाज को बुलंद किया। उनके इसी संघर्ष का सुखद परिणाम वर्ष 2015 में देखने को मिला जब वे विद्यार्थी परिषद के पैनल तले ऐतिहासिक छात्रसंघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद पर भारी मतों से विजयी हुए और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक मजबूत प्रहरी बने।

फतेहपुर सीकरी की सक्रिय राजनीति और सामाजिक कार्यों में सर्वोच्च योगदान

जीडी चाहर केवल सांगठनिक स्तर पर ही सक्रिय नहीं रहे हैं बल्कि फतेहपुर सीकरी क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों में हर नागरिक के सुख दुख में शामिल होना उनकी जीवनशैली का मुख्य हिस्सा है। क्षेत्र के सामाजिक कार्यों और विकास की योजनाओं में उनका योगदान हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहता है। अपनी इसी भारी लोकप्रियता और जन समर्थन के बल पर उन्होंने शीर्ष नेतृत्व के सम्मुख अपनी मजबूत दावेदारी भी पेश की थी। भले ही सत्ता के समीकरण कुछ भी रहे हों परंतु क्षेत्र की जनता और विशेष रूप से युवा वर्ग के दिलों में उनके प्रति स्नेह और सम्मान निरंतर बढ़ता ही गया। आज फतेहपुर सीकरी की विधानसभा सीट पर युवाओं के बीच उनका नाम काफी लोकप्रिय है और उनकी निडर व बेबाक छवि के सामने विरोधी भी अपनी राजनैतिक जमीन को खिसकता हुआ महसूस करते हैं।

Related News

Share: