कैंट स्टेशन पर डिप्टी एसएस को घसीटते हुए ले गई आरपीएफ
प्लेटफार्म पर हुआ हंगामा, दो एएसआई सहित चार जवान निलंबित
-महिला यात्री को ट्रेन में चढ़ने के लिए डिप्टी एसएस ने रुकवा दी थी गाड़ी
- चेन पुलिंग के आरोप में यात्री को पकड़ने पर रेल अधिकारी ने किया था बचाव

आगरा कैंट स्टेशन पर रविवार को एक महिला यात्री की मदद करने की सजा आरपीएफ के कुछ जवानों ने गुंडई दिखाई। यात्री को चेन पुलिंग के आरोप से बचाव करने आए डिप्टी स्टेशन सुपरिंटेंडेंट (डिप्टी एसएस) से पहले हाथापाई की, फिर प्लेटफार्म पर घसीटते हुए थाने तक ले गए। काफी देर तक चले इस हंगामा से यात्रियों में दहशत फैल गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। प्रथम दृष्टया जांच के आधार पर चार आरपीएफ कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।
ये घटना हीराकुंड एक्सप्रेस के आने पर हुआ। ट्रेन में लुधियाना के एक दंपती सवार थे। स्टेशन पर रुकने पर महिला यात्री मिठाई लेने उतरी और जब तक वापस आई, ट्रेन रेंगने लगी थी। यात्री की मदद के लिए डिप्टी एसएस ने ट्रेन को रोक लिया। यात्री ट्रेन में चढ़ गई, तभी आरपीएफ कर्मी ने उन्हें उतार लिया। उनका मोबाइल छीन लिया। चेन पुलिंग का आरोप लगाते हुए उन्हें थाने ले जाने लगे। इस पर डिप्टी एसएस नागेंद्र चाहर ने आरपीएफ कर्मियों को रोका और पूरी बात बताई। इस पर आरपीएफ जवान डिप्टी एसएस से भिड़ गए। उनसे सरेआम हाथापाई करने लगे। उन्हें घसीटते हुए थाने की ओर ले जाने लगे। घटना के दौरान स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह दोनों पक्षों को अलग किया।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई। रेलवे प्रशासन ने हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव से जुड़े इस विवाद की निष्पक्ष जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को सौंपेगी।प्रथम दृष्टया जांच में चार आरपीएफ कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर आरपीएफ के दो एएसआई मेघराज मीणा, बालकिशन और दो कांस्टेबल बदन सिंह, जितेंद्र कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद रेलवे सेवा नियमों के अनुसार संबंधित कर्मियों के विरुद्ध आगे की विभागीय कार्रवाई की जाएगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल आगरा कैंट स्टेशन पर हुई इस घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय अनुशासन पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।