कम बारिश में धान भूलें, मोटे अनाज उगाएं: आगरा में बोले कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, खाद की कमी पर अधिकारियों को दी कार्रवाई की चेतावनी
आगरा। उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री श्री सूर्यप्रताप शाही की अध्यक्षता में गुरुवार को बिचपुरी स्थित आरबीएस इंजीनियरिंग कॉलेज के सभागार में "खेत बचाओ अभियान", तिलहन मेला और कृषक संवाद कार्यक्रम का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। सामान्य से करीब 55 प्रतिशत कम वर्षा की स्थिति और अलनीनो के बढ़ते दुष्प्रभावों को देखते हुए कृषि मंत्री ने किसानों से जल संरक्षण और कम लागत वाली वैकल्पिक खेती अपनाने की भावुक अपील की।

कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि मंत्री, बाह विधायक श्रीमती रानी पक्षालिका सिंह, पूर्व सांसद चौ. बाबूलाल और एमएलसी श्री मानवेंद्र सिंह गुरुजी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कम पानी और कम खाद वाली फसलों पर दें जोर: कृषि मंत्री
संवाद के दौरान किसानों को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सूखे और कम बारिश के इस दौर में किसानों को धान जैसी अधिक पानी सोखने वाली फसलों के मोह से बाहर निकलना होगा। उन्होंने सलाह दी कि किसान भाई अब ज्वार, बाजरा, मक्का, उड़द, मूंग और मड़ुवा जैसे मोटे अनाजों (श्रीअन्न) तथा दलहनी फसलों की बुवाई करें। इन फसलों में पानी, लागत और फर्टिलाइजर तीनों की खपत बेहद कम होती है, जिससे किसानों का मुनाफा सुरक्षित रहता है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार धान-गेहूं के अलावा अब सरसों, अरहर, मक्का और बाजरा की भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गारंटीड खरीद कर रही है और 7 से 10 दिनों के भीतर सीधा भुगतान किसानों के खातों में भेजा जा रहा है।
अधिकारियों को अल्टीमेटम: एक हफ्ते में सोसायटियों पर पहुंचे खाद
किसानों द्वारा डीएपी वितरण और यूरिया की आ रही किल्लत की शिकायत पर कृषि मंत्री ने कड़ा रुख अख्तियार किया। उन्होंने मंच से ही संबंधित अधिकारियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा, "एक सप्ताह के भीतर जिले के सभी कोपरेटिव सेंटर्स (समितियों) पर फर्टिलाइजर, यूरिया, डीएपी और उन्नत बीजों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए। अगर किसी भी समिति पर खाद की कमी पाई गई या कालाबाजारी की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारी सीधे तौर पर कड़ी कानूनी कार्रवाई के लिए तैयार रहें।"
किसानों को बांटे ट्रैक्टर, सोलर पंप और 'एक पेड़ मां के नाम' का आह्वान

कृषि मंत्री ने पर्यावरण संकट से निपटने के लिए किसानों से आगामी 12 जुलाई को प्रदेशव्यापी 35 करोड़ पौधरोपण महाअभियान के तहत "एक पेड़ मां के नाम" लगाने की अपील की। इससे पहले उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में खुद भी पौधारोपण किया और निर्माणाधीन किसान छात्रावास का औचक निरीक्षण किया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों और लाभार्थियों को मंत्री महोदय ने सरकार की योजनाओं के तहत बड़े लाभ सौंपे:
पीएम कुसुम योजना के तहत 60% भारी सब्सिडी वाले सोलर पंपों की मंजूरी दी।
आधुनिक खेती के लिए कृषि यंत्रों और नए ट्रैक्टरों की चाबियां प्रगतिशील किसानों को सौंपी।
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), सॉइल हेल्थ कार्ड और उन्नत तिल के बीजों की मिनी किट वितरित कीं।
इस मौके पर संयुक्त कृषि निदेशक (फर्टिलाइजर) हरेंद्र मिश्रा, संयुक्त कृषि निदेशक विनोद यादव, उप निदेशक कृषि मुकेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार सहित विभिन्न विभागों के आला अफसर और भारी संख्या में क्षेत्र के किसान मौजूद रहे।