दिल्ली में भारी बवाल: 17 पुलिसकर्मी घायल, मेट्रो स्टेशन बंद! जानिए जेपी नड्डा और CJP नेताओं की बंद कमरे में क्या बात हुई?

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संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर भारी राजनीतिक तनाव देखा गया। 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और उसके समर्थकों द्वारा आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर स्थिति उस समय अनियंत्रित हो गई जब प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हो गई।

जंतर-मंतर पर अराजकता और लाठीचार्ज

बिना पूर्व अनुमति के संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे हजारों युवाओं को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा। इस टकराव में 17 पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बल के जवान घायल हो गए हैं। सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो ने राजीव चौक और पटेल चौक सहित 5 मुख्य स्टेशनों को बंद कर दिया, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी बंद कर दी गईं।

सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच वार्ता

तनाव के बीच, दोपहर में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का रास्ता खुला। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास पर CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका सहित एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया (X) पर बताया कि सुबह 11:50 बजे से शुरू हुई यह बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई और प्रदर्शनकारियों ने शाम 4 बजे उन्हें एक लिखित ज्ञापन सौंपा है। नड्डा ने सभी से आंदोलन समाप्त करने की अपील की है।

हालांकि, बैठक के बाद CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने स्पष्ट किया कि उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग सरकार के सामने रखी है। मंत्री द्वारा सिर्फ आश्वासन मिलने और कोई ठोस प्रतिबद्धता न जताए जाने के कारण मांगें पूरी होने तक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

सोनम वांगचुक का अनशन जारी, दिपके ने तोड़ा उपवास

सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अस्पताल से ही एक हस्तलिखित नोट जारी कर अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने मांग की है कि जब तक युवा नेताओं को संसद में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती, वे भूख हड़ताल पर रहेंगे। उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने इस संदेश को साझा करते हुए आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई। दूसरी ओर, अस्पताल से ही वांगचुक को अस्थायी रूप से मार्च में शामिल होने के लिए छुट्टी देने की याचिका को दिल्ली उच्च न्यायालय ने तत्काल सुनने से इनकार कर दिया है।

इस बीच, CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक के ही अनुरोध पर अपनी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी है।

विपक्ष का समर्थन और नेताओं को हिरासत में लेने का दावा

इस आंदोलन को विपक्षी दलों का बड़ा समर्थन मिला है। नेशनल कॉन्फ्रेंस के सदस्य प्रदर्शन में शामिल होने जंतर-मंतर पहुंचे। वहीं समाजवादी पार्टी ने दावा किया कि उनकी लोकसभा सांसद डिंपल यादव और अन्य नेताओं को दिल्ली पुलिस ने उस समय हिरासत में ले लिया जब वे छात्रों के समर्थन में मार्च कर रहे थे। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी सोशल मीडिया के जरिए पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए छात्रों का समर्थन किया है। विपक्ष अब इस मुद्दे को संसद के दोनों सदनों में उठाने की रणनीति बना रहा है।

दिल्ली पुलिस ने जनता से किसी भी सोशल मीडिया अफवाह पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। वहीं दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी पुलिस से जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की निगरानी को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों के पालन पर सवाल पूछा है।

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