कोरोना अलर्ट 2026: पुराने वेरिएंट ने फिर बढ़ाई टेंशन, जानें कितनी गंभीर है स्थिति
देश में कोरोना वायरस (COVID-19) के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखी जा रही है। साल 2021 में तबाही मचाने वाले ओमिक्रॉन वेरिएंट के एक नए उप-रूप (सब-वेरिएंट) ने देश के आठ राज्यों में दस्तक देकर स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। इस नए वेरिएंट की पहचान 'RF.5' के रूप में हुई है। पिछले एक महीने में देश के अलग-अलग राज्यों में संक्रमण के मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि आंध्र प्रदेश में इस वायरस से 4 मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है।
इन राज्यों में मिले सबसे ज्यादा मामले
पुणे की प्रयोगशाला में हुई सैंपलों की जांच में इस नए वेरिएंट का खुलासा हुआ है। वर्तमान में देश के कई हिस्सों से संक्रमण के मामले सामने आए हैं:
केरल: 115 मामले
कर्नाटक: 64 मामले
महाराष्ट्र: 43 मामले
तमनीनाडु: 39 मामले
दिल्ली और अंडमान-निकोबार: 18-18 मामले
आंध्र प्रदेश व राजस्थान: 12-12 मामले
इसके अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार में भी संक्रमण के मामले पाए गए हैं।
वैक्सीन लगवाने वालों को भी संक्रमण, पर गंभीर खतरा कम
रिपोर्ट के मुताबिक, संक्रमित पाए गए अधिकांश लोग ऐसे हैं जो पहले ही वैक्सीन (टीकाकरण) लगवा चुके हैं। विज्ञान की भाषा में इसे 'ब्रेकथ्रू इंफेक्शन' कहा जाता है, जहाँ वायरस वैक्सीन से बनी एंटीबॉडी को भेदने में सफल हो जाता है।
हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन लगवा चुके लोगों को ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है। वैक्सीन के कारण शरीर में बनीं टी-कोशिकाएं (T-cells) और बी-कोशिकाएं (B-cells) वायरस को याद रखती हैं और सालों तक सक्रिय रहती हैं। यही वजह है कि नया वेरिएंट आने पर भी संक्रमित व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती होने या उसकी स्थिति गंभीर होने का जोखिम बेहद कम रहता है।
किसे है सबसे ज्यादा खतरा?
आंध्र प्रदेश में जिन 4 मरीजों की जान गई है, वे सभी पहले से ही शुगर (मधुमेह), हाई ब्लड प्रेशर (उच्च रक्तचाप) या दिल की बीमारियों जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे थे। डॉक्टरों के मुताबिक, बुजुर्गों (60 वर्ष से अधिक आयु) और पहले से बीमार लोगों को इस नए वेरिएंट से सबसे ज्यादा खतरा है, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉक्टरों की सलाह: सुरक्षा ही बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्थिति से पैनिक होने (डरने) की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का उपयोग करें और संभव हो तो सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बूस्टर डोज जरूर लगवाएं।