संसद में 'ब्लैक प्रोटेक्ट': पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के मुद्दे पर उबला विपक्ष, मंत्रियों के इस्तीफे की गूंज
संसद का मानसून सत्र तीसरे दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली (पेपर लीक) और आंदोलनकारी छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज से गुस्साए विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सांसदों ने गृह मंत्री और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की पुरजोर मांग उठाई।
काले कपड़ों में 'मकर द्वार' पर सरकार की घेराबंदी
विरोध का तरीका पूरी तरह अलग नजर आया जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में तमाम विपक्षी सांसद काले वस्त्र धारण कर संसद पहुंचे। हाथों में विरोध-प्रदर्शन की पट्टियां थामे सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर जमकर नारेबाजी की। इस सांकेतिक प्रदर्शन में टीएमसी, सपा, राजद और झामुमो जैसी प्रमुख विपक्षी पार्टियां एक सुर में खड़ी नजर आईं। बिगड़ते माहौल और सुरक्षा को देखते हुए संसद परिसर में त्रिस्तरीय (Three-tier) कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
हंगामे की भेंट चढ़ा प्रश्नकाल
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद वेल में उतरकर नारेबाजी करने लगे। शोर-शराबे के कारण सुबह का प्रश्नकाल पूरी तरह ठप हो गया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने मोर्चा संभालते हुए कहा कि सरकार संसद के नियमों के तहत हर संवेदनशील मुद्दे पर बहस कराने को तैयार है और इसके लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जा सकती है।
वार-पलटवार: सरकार बोली 'चर्चा से भाग रहा विपक्ष', खरगे बोले 'पहले इस्तीफा'
सरकार का पक्ष: किरेन रिजिजू ने विपक्ष की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब सरकार पूरी तरह चर्चा के लिए तैयार है, तब भी विपक्षी दल सदन के अंदर बात करने के बजाय हंगामा करके भाग रहे हैं।
विपक्ष का रुख: राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की पेशकश को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक विपक्ष को बहस का कोई भी प्रस्ताव मंजूर नहीं है।