मोदी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट! अश्विनी वैष्णव का हो सकता है प्रमोशन, गडकरी के विभाग में बदलाव की चर्चा

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बीजेपी संगठन में हालिया बदलावों के बाद अब केंद्र की मोदी सरकार में बड़े पैमाने पर कैबिनेट विस्तार और फेरबदल (Overhauling) की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा गर्म है कि आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के मद्देनजर सरकार अपनी टीम को धार देने जा रही है, जिसमें कई नए चेहरों की एंट्री और दिग्गजों के विभागों में फेरबदल देखने को मिल सकता है।

​16 से 17 नए चेहरों को मिल सकती है एंट्री

​आजतक रेडियो के पॉडकास्ट 'रिपोर्टर्स ऑफ एयर' में हुई चर्चा के मुताबिक, सितंबर या अक्टूबर में कभी भी मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस बार 15 से 17 नए और युवा चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। वहीं, कुछ ऐसे मंत्रियों की भी छुट्टी हो सकती है, जिनकी परफॉर्मेंस या ग्राउंड कनेक्ट को लेकर सवाल रहे हैं। फिलहाल मोदी कैबिनेट में 69 मंत्री हैं और नियमों के मुताबिक अधिकतम 81 मंत्री हो सकते हैं, यानी 12 पद पहले से खाली हैं।

​अश्विनी वैष्णव को मिल सकता है प्रमोशन

​चर्चा यह भी है कि बेहतरीन कामकाज के चलते केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को प्रमोट करके सरकार के 'टॉप फाइव' मंत्रियों की सूची में शामिल किया जा सकता है। वर्तमान में उनके पास रेलवे, सूचना एवं प्रसारण और आईटी जैसे तीन बड़े मंत्रालयों का जिम्मा है, ऐसे में उनके कुछ विभाग कम करके दूसरे मंत्रियों को सौंपे जा सकते हैं।

​नितिन गडकरी के मंत्रालय में बदलाव की चर्चा

​राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लेकर भी सुगबुगाहट तेज है। चर्चा है कि उनसे भारी-भरकम परिवहन मंत्रालय की जिम्मेदारी लेकर किसी अन्य को सौंपी जा सकती है। हाल ही में कुछ मुद्दों और बयानों को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहे विभागों को लेकर भी सरकार फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। इसके अलावा, प्रह्लाद जोशी के पास शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार होने और कई अन्य मंत्रियों के पास एक से ज्यादा मंत्रालय होने के कारण भी विभागों का बंटवारा तय माना जा रहा है।

​चुनावी राज्यों और समीकरणों पर नजर

​राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फेरबदल पूरी तरह से चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश, पंजाब और अन्य चुनावी राज्यों के साथ-साथ युवाओं, महिलाओं और विभिन्न सामाजिक समीकरणों साधने के लिए नए चेहरों को मौका मिलने की पूरी उम्मीद है। अब देखना यह होगा कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी इस 'नई टीम' के साथ किन चेहरों को मैदान में उतारते हैं।

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