'धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या कुछ और?' NEET पेपर लीक पर आखिर क्या हैं राहुल गांधी की 3 बड़ी मांगें?

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NEET-UG परीक्षा में धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजनीति में भूचाल आया हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक के दोषियों को तुरंत सजा दिलाने के लिए 'फास्ट-ट्रैक कोर्ट' (त्वरित अदालतें) गठित करने के ऐलान के ठीक बाद, विपक्ष ने केंद्र सरकार पर चौतरफा हमला बोल दिया है।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री के इस कदम को महज अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने का प्रयास बताया है।

'शिक्षा व्यवस्था पर हुआ कब्जा'— राहुल गांधी की 3 बड़ी मांगें

प्रधानमंत्री के बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के शासनकाल में देश के लाखों होनहार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से बर्बाद होने दिया गया और इसके जिम्मेदार लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के समक्ष स्पष्ट रूप से 3 प्रमुख मांगें रखी हैं:

1- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत पद से बर्खास्त किया जाए।

2- प्रधानमंत्री स्वयं देश के पीड़ित छात्रों और उनके परिजनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।

3- जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों पर हुए हमलों की जांच कराकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

"छात्र आंदोलन से घबराई सरकार"— जयराम रमेश का तीखा हमला

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर निशान साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री में संसद के भीतर खड़े होकर इस गंभीर मुद्दे पर विपक्ष के सवालों का सामना करने का साहस नहीं है। उन्होंने कहा कि देश भर में सड़कों पर उतरे छात्रों के भारी विरोध और जंतर-मंतर के प्रदर्शनों ने सरकार को हिलाकर रख दिया है। सोशल मीडिया पर घोषणाएं करके सरकार यह साबित करने की कोशिश कर रही है कि वह चिंतित है, जबकि असलियत यह है कि वे पूरी तरह घबराए हुए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या ऐलान किया था?

इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने और पेपर लीक में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की थी।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि:

"हमारे युवाओं का कल्याण और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को जल्द से जल्द और कठोरतम सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने का फैसला लिया गया है। संबंधित मंत्रालयों को इस दिशा में तत्काल काम करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।"

  • जंतर-मंतर पर 34 दिनों से जारी है जंग, वांगचुक की अनशन का 26वां दिन

  • जमीन पर छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है:

सीजेपी का धरना: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पिछले 34 दिनों से जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर लगातार धरना दे रही है।

सोनम वांगचुक का अनशन: प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और समाजसेवी सोनम वांगचुक छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं, जिसका आज 26वां दिन है।

लगातार बढ़ते इस जनाक्रोश और विपक्ष के हमलावर रुख ने संसद से लेकर सड़क तक सियासी पारे को चढ़ा दिया है।

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