प्रल्हाद जोशी बने नए शिक्षा मंत्री! NEET परीक्षा और NTA पर अब क्या होगा बड़ा एक्शन?
NEET-UG परीक्षा विवाद और जंतर-मंतर पर चले 49 दिनों के लंबे छात्र आंदोलन के बाद देश के शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल हुआ है। धर्मेंद्र प्रधान द्वारा पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद, वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर तत्काल प्रभाव से उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए प्रल्हाद जोशी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी है।
पदभार संभालते ही दिया बड़ा बयान
रविवार को नया कार्यभार संभालने के बाद प्रल्हाद जोशी ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस जिम्मेदारी को पूरी विनम्रता, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा:
"देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना और छात्रों का विश्वास बहाल करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ सभी आवश्यक कदम उठाएगी।"
अन्य मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी रहेगी बरकरार
कर्नाटक के धारवाड़ से 5 बार के लोकसभा सांसद प्रल्हाद जोशी वर्तमान में उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार संभाल रहे हैं। वे इन पोर्टफोलियो के साथ-साथ अब शिक्षा मंत्रालय का कामकाज भी देखेंगे।
आंदोलन के बाद बनी नई रणनीति
उल्लेखनीय है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर किए जा रहे उग्र प्रदर्शनों के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया था। इसके बाद CJP ने अपना आंदोलन वापस ले लिया।
अब नए शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी के सामने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार (Exam Reforms), नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पुनर्गठन और CJP द्वारा सौंपे गए 5-पॉइंट रिफॉर्म चार्टर को लागू करने की बड़ी चुनौती होगी।