NTA सुधारों के लिए उच्च स्तरीय टास्क फोर्स के गठन का ABVP ने किया स्वागत, कहा- 'छात्रों के हित में बड़ा कदम'
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में व्यापक और संस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के लिए भारत सरकार द्वारा बहु-विषयक उच्च स्तरीय टास्क फोर्स (High-Level Task Force) के गठन का पुरजोर स्वागत किया है। अभाविप ने इसे देश के करोड़ों विद्यार्थियों के हित में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी निर्णय बताया है।
नीट-यूजी (NEET-UG) सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में आई गड़बड़ियों के बाद से ही अभाविप संपूर्ण परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी, जवाबदेही तय करने वाली और तकनीक-आधारित बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति के गठन की मांग कर रही थी।
नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में गठित टास्क फोर्स में दिग्गज शामिल
अभाविप ने बयान जारी कर कहा कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता केवल दोषियों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसके लिए संरचनात्मक और तकनीकी बदलाव बेहद ज़रूरी हैं। सरकार द्वारा गठित इस टास्क फोर्स में देश के प्रमुख विशेषज्ञों को शामिल किया गया है:
अध्यक्ष: श्री नंदन नीलेकणी (प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ एवं सह-संस्थापक, इंफोसिस)
अन्य प्रमुख सदस्य:
डॉ. एस. सोमनाथ (पूर्व इसरो अध्यक्ष)
श्री तपन डेका (पूर्व आईबी निदेशक)
प्रो. वी. कामकोटि (निदेशक, आईआईटी मद्रास)
श्रीमती अनीता करवाल (पूर्व शिक्षा सचिव)
श्री अमृत लाल मीणा (लॉजिस्टिक्स विशेषज्ञ)
"विद्यार्थियों का विश्वास बहाल करना सर्वोच्च प्राथमिकता": डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी
अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा:
"देश का प्रत्येक विद्यार्थी इस विश्वास के साथ परीक्षा देता है कि उसकी मेहनत का मूल्यांकन पूरी निष्पक्षता से होगा। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। NTA में सुधार हेतु यह टास्क फोर्स एक ऐतिहासिक पहल है। हमें पूर्ण विश्वास है कि यह समिति समयबद्ध और ठोस सिफारिशें सौंपकर परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और छात्र-केंद्रित बनाएगी।"
परीक्षा माफिया पर नकेल कसने की दिशा में बड़ा कदम
अभाविप ने उल्लेख किया कि हाल के दिनों में परीक्षा माफिया के खिलाफ फास्ट ट्रैक अदालतों की स्थापना, कड़े कानूनों के प्रावधान और प्रशासनिक फेरबदल के बाद अब NTA में संस्थागत सुधारों के लिए टास्क फोर्स का गठन सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। परिषद ने उम्मीद जताई कि यह टास्क फोर्स तय समयसीमा के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपकर देश के युवाओं को एक पारदर्शी परीक्षा प्रणाली प्रदान करेगी।