'तिरंगा कहां है?': जब पुडुचेरी में मंच पर मंत्री ने बढ़ाया भगवा ध्वज, तो अमित शाह ने ऐसा क्या कह दिया जो हो गया वायरल?
पुडुचेरी में आयोजित एक आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान उस वक्त एक अनूठी और चौंकाने वाली स्थिति बन गई, जब देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंच पर सौंपे गए भगवा ध्वज को थामने से साफ इनकार कर दिया। 'हर घर तिरंगा यात्रा' के दौरान घटे इस वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें संवैधानिक मर्यादा और राष्ट्रध्वज के सम्मान की एक बड़ी मिसाल देखने को मिली।
मंच पर क्या हुआ? जानिए पूरी घटना
यह घटना 9 अगस्त को पुडुचेरी के प्रमुख 'मुरुगा थिएटर सिग्नल' पर घटी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह स्वतंत्रता दिवस से पहले शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी अभियान 'हर घर तिरंगा' के तहत यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करने पहुँचे थे।
भगवा झंडा बढ़ाया आगे: कार्यक्रम स्थल पर यात्रा शुरू कराने की तैयारियाँ चल ही रही थीं कि मंच पर मौजूद पुडुचेरी के गृह मंत्री ए. नमशिवायम ने अमित शाह की ओर एक भगवा (सफ़रॉन) ध्वज बढ़ा दिया।
अमित शाह का सख्त रुख: हाथों में भगवा ध्वज देखकर अमित शाह ने उसे पकड़ने से तुरंत मना कर दिया और सख्त अंदाज़ में सवाल दागा— "तिरंगा कहां है?"
आयोजकों ने सुधारी गलती: गृह मंत्री के इस कड़क रुख के तुरंत बाद वहाँ मौजूद अधिकारियों और आयोजकों को अपनी भूल का अहसास हुआ। आनन-फानन में राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) लाया गया और अमित शाह को सौंपा गया, जिसके बाद उन्होंने तिरंगा लहराकर यात्रा को हरी झंडी दिखाई।
पुडुचेरी दौरे का मुख्य उद्देश्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का यह पुडुचेरी दौरा मुख्य रूप से एक बड़ा संवैधानिक और सैन्य सम्मान समारोह था:
प्रेसिडेंट्स कलर सम्मान: शाह पुडुचेरी पुलिस को देश के सर्वोच्च सैन्य/प्रशासनिक सम्मानों में से एक—'प्रेसिडेंट्स कलर' (President's Colour) से सम्मानित करने के आधिकारिक कार्यक्रम में भाग लेने पहुँचे थे।
इसी सरकारी दौरे के साथ स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में 'हर घर तिरंगा यात्रा' का आयोजन भी जोड़ा गया था।
सोशल मीडिया पर क्यों हो रही है तारीफ?
घटना का वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया। सोशल मीडिया यूज़र्स और राजनीतिक विश्लेषकों ने केंद्रीय गृह मंत्री के इस कदम की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि पार्टी या विचारधारा से ऊपर उठकर जब बात देश के आधिकारिक और संवैधानिक कार्यक्रम की हो, तो राष्ट्रध्वज 'तिरंगा' ही सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए।