चेन्नई से आगरा तक खून का सफर:प्रेमी ने पत्नी संग मिलकर रची खौफनाक साज़िश! महिला के किए 18 टुकड़े? जानिए पूरा सच.....
उत्तर प्रदेश के चर्चित आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर लगभग 20 दिन पहले मिले महिला के क्षत-विक्षत शव की गुत्थी अब सुलझने का दावा किया गया है। यह सनसनीखेज मामला तमिलनाडु एक्सप्रेस के जनरल कोच से जुड़े एक लाल रंग के ट्रॉली बैग से जुड़ा है, जिसके भीतर महिला के शरीर के करीब 18 टुकड़े पॉलीथिन में पैक करके रखे गए थे। पुलिस की शुरुआती और तकनीकी जांच के बाद इस जघन्य हत्याकांड का पर्दाफाश हुआ है।
क्या था पूरा मामला और कब मिला था शव?
घटना 5 अगस्त की है, जब तमिलनाडु एक्सप्रेस ट्रेन आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर आकर रुकी। इस दौरान ट्रेन के जनरल कोच में सफर कर रहे यात्रियों ने एक लाल रंग के ट्रॉली बैग से लगातार खून रिसते हुए देखा। यात्रियों ने इसकी सूचना तुरंत रेलवे प्रशासन को दी, जिसके बाद जीआरपी और आरपीएफ की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
जब अधिकारियों ने उस संदिग्ध ट्रॉली बैग को खोलकर देखा, तो उनके होश उड़ गए। बैग के अंदर एक महिला के शव के लगभग 18 टुकड़े भरे हुए थे, जिन्हें बहुत ही शातिर तरीके से पॉलीथिन में पैक किया गया था। इस खौफनाक खुलासे के बाद से ही जीआरपी लगातार ट्रेन के रूट और अन्य स्टेशनों से संपर्क साधकर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई थी।
चेन्नई के सीसीटीवी फुटेज से खुली अहम कड़ी

पुलिस की गहन छानबीन में सबसे बड़ा सुराग चेन्नई रेलवे स्टेशन से हाथ लगा। जांच में यह साफ हुआ कि यह लाल रंग का ट्रॉली बैग चेन्नई रेलवे स्टेशन से ही तमिलनाडु एक्सप्रेस के अंदर रखा गया था।
इसके आधार पर जब चेन्नई स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, तो एक पुरुष और एक महिला संदिग्ध अवस्था में वही ट्रॉली बैग ले जाते हुए साफ नजर आए। इसी एक अहम सुराग ने पूरी वारदात की परतें खोलनी शुरू कर दीं।
ओडिशा की रहने वाली थी मृतका, चेन्नई में करती थी नौकरी
पुलिस जांच में मृतका की शिनाख्त ओडिशा की रहने वाली 45 वर्षीय हयातुन निशा के रूप में हुई है। मृतका कुछ समय से चेन्नई में ही रहकर एक निजी फर्म में नौकरी कर रही थी।
जांच में यह भी सामने आया कि हयातुन निशा के संबंध मणिकउद्दीन लश्कर नामक व्यक्ति के साथ थे। बताया जा रहा है कि मणिकउद्दीन अपनी पत्नी भगवती मांझी और हयातुन निशा—दोनों के साथ संपर्क में था। इसी प्रेम संबंध और आपसी कलह के चलते विवाद इतना बढ़ा कि हत्या की खौफनाक साजिश रची गई।
पति-पत्नी ने मिलकर की हत्या, घर के बर्तन में मिले शव के हिस्से
पुलिस के मुताबिक, मणिकउद्दीन लश्कर ने अपनी पत्नी भगवती मांझी के साथ मिलकर हयातुन निशा की निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद शव के कई टुकड़े किए गए। कुछ हिस्सों को लाल ट्रॉली बैग में भरकर ट्रेन के जरिए आगरा भेज दिया गया, ताकि सबूतों को मिटाया जा सके।
जब पुलिस इस सुराग के आधार पर चेन्नई में मणिकउद्दीन के घर तक पहुंची, तो वहां भी सनसनीखेज खुलासे हुए। घर की तलाशी के दौरान पुलिस को एक बड़े बर्तन में महिला का सिर और शरीर के अन्य हिस्से छिपे हुए मिले। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से ठीक पहले आरोपी पति-पत्नी अपने घर से फरार होने में कामयाब हो गए।
अब आगे की जांच चेन्नई पुलिस के हवाले
आगरा कैंट जीआरपी ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुकदमा दर्ज किया था और तमाम साक्ष्य जुटाए। क्षेत्राधिकारी राजेश दीक्षित के अनुसार, चूंकि इस जघन्य अपराध की मुख्य जड़ें चेन्नई से जुड़ी हैं और तमाम महत्वपूर्ण सुराग हाथ लग चुके हैं, इसलिए अब आगे की विस्तृत जांच चेन्नई पुलिस को स्थानांतरित कर दी गई है।
फिलहाल, उत्तर प्रदेश और चेन्नई पुलिस की संयुक्त टीमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फरार आरोपी पति-पत्नी की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस पूरी साजिश की हर एक परत और हत्या की असली वजह खुलकर सामने आ जाएगी।