यमुना निहारते वक्त फिसला 12 साल का अरमान, बचाने कूदा जिगरी यार; तलाश जारी
प्यार की निशानी ताजमहल की खूबसूरती देखने गए दोस्तों की मस्ती पलभर में चीख-पुकार में बदल गई। थाना एत्माद्दौला क्षेत्र के मेहताब बाग स्थित ग्यारह सीढ़ी घाट पर शुक्रवार सुबह जो हुआ, उसने देखने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए। ताजमहल निहार रहा 12 साल का अरमान अचानक यमुना के गहरे पानी में फिसल गया। उसे बचाने के लिए उसके जिगरी दोस्त ने उफनती नदी में छलांग भी लगाई, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था।
ताजमहल देख रहे थे दोस्त, तभी हुआ खेल!
प्रकाश नगर का रहने वाला 12 वर्षीय अरमान शुक्रवार की सुबह अपने दोस्तों—वाहिद, हसन और हसद के साथ यमुना किनारे ग्यारह सीढ़ी घाट पर पहुँचा था। सब हँसते-खेलते घाट पर खड़े होकर दुनिया के सात अजूबे 'ताजमहल' की खूबसूरती निहार रहे थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि अगली ही पल यहाँ मातम छाने वाला है। अचानक अरमान का पैर फिसला और वह सीधे यमुना के गहरे पानी में जा गिरा। पानी की गहराई और तेज बहाव को देख अरमान की चीख निकल पड़ी।
दोस्त ने बचाई अपनी जान की बाजी, पर...
अपने यार को डूबता देख हसद से नहीं रहा गया। उसने बिना एक पल गंवाए उफनती यमुना में छलांग लगा दी। हसद ने अरमान तक पहुँचने और उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन पानी का तेज बहाव और गहरापैन इतना खतरनाक था कि वह अपने दोस्त को पकड़ नहीं पाया। जैसे-जैसे साँसें उखड़ने लगीं, हसद किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाकर बाहर आया, लेकिन आँखों के सामने उसका दोस्त पानी की लहरों में ओझल हो चुका था।
गोताखोर और स्टीमर खंगाल रहे यमुना, घर में मचा कोहराम
घटना की भनक लगते ही घाट पर हड़कंप मच गया और देखते ही देखते लोगों का हुजूम जमा हो गया। पुलिस को सूचना दी गई जिसके बाद स्थानीय गोताखोरों और स्टीमर की मदद से अरमान की तलाश शुरू की गई। पीएसी की बाढ़ राहत टीम को भी उतार दिया गया है, और देर शाम तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।
उधर, घर पर जब इस मनहूस खबर की भनक लगी तो माँ शकीना का कलेजा फट पड़ा। रो-रोकर उनका बुरा हाल है। परिवार का दर्द तब और गहरा हो जाता है जब यह पता चलता है कि अरमान के बाकी भाई (गोविंदा, फरमान और आहिल) भी मानसिक रूप से कमजोर हैं। इस सदमे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है, और हर कोई बस एक ही दुआ मांग रहा है कि किसी तरह उनका अरमान सुरक्षित वापस लौट आए।