जलकल ठेकेदार समेत पांच पर FIR, करोड़ों की हेराफेरी और धमकी के आरोप

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आगरा। जलकल विभाग से जुड़े ठेकेदार रवि लवानिया और उसकी फर्म के चार कर्मचारियों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कराने, करोड़ों रुपये की हेराफेरी, दबाव बनाने और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। थाना छत्ता पुलिस ने यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की है। मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

न्यू आगरा निवासी जलकल पंप हाउस अधीक्षक सुमित पचौरी ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर ठेकेदार रवि लवानिया पर गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत के अनुसार, रवि लवानिया अपनी पत्नी के नाम से संचालित फर्मों के जरिए काम करता है। आरोप है कि वर्ष 2017 से फर्जी प्रमाणपत्र और दस्तावेजों के माध्यम से करोड़ों रुपये के काम में अनियमितता की जा रही थी शिकायतकर्ता का आरोप है कि मई 2026 में रवि ने अपने कर्मचारी मनीष कुमार उर्फ मंशा को उसके कार्यालय भेजा। कर्मचारी के जरिए पुराने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का दबाव बनाया गया। सुमित पचौरी ने हस्ताक्षर करने से इनकार किया तो कथित तौर पर उन्हें नौकरी से हटवाने और निलंबित कराने की धमकी दी गई। शिकायत में झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि 12 जुलाई को सुमित पचौरी के मोबाइल नंबर पर उनकी सुसाइडल और कार की तस्वीरें भेजी गईं। शिकायतकर्ता के मुताबिक, तस्वीरों के साथ धमकी भरा संदेश भी भेजा गया था। आरोप है कि इसका उद्देश्य उन पर दबाव बनाकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराना था। शिकायत में रवि लवानिया पर आपराधिक साजिश के तहत विभाग में कथित कूटरचित और फर्जी अनुबंध पत्र पेश करने का भी आरोप लगाया गया है। दस्तावेजों को लेकर शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से शिकायत की थी। आरोप है कि शिकायत के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया।

अदालत के आदेश के बाद थाना छत्ता पुलिस ने रवि लवानिया के साथ मनीष कुमार उर्फ मंशा, आशीष, सचिन वशिष्ठ और अतुल शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।

एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा के अनुसार, न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रवि लवानिया की ओर से भी कुछ दिन पहले सुमित पचौरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। उस मामले की भी पुलिस जांच कर रही है।

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