'मोदी सरकार पर वोट चोरी का आरोप, 21 दलों ने खोला मोर्चा; रामलीला मैदान से गूंजा- कुर्सी छोड़ो!'

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली का रामलीला मैदान रविवार को विपक्षी दलों की सियासी ताकत का बड़ा केंद्र बन गया। कथित वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर INDIA गठबंधन के 21 राजनीतिक दलों ने एक मंच पर जुटकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। रैली में उमड़ी भीड़ का असर आसपास की सड़कों पर भी दिखाई दिया। कई प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बनी रही और समर्थकों की भीड़ कार्यक्रम स्थल तक पहुंचती रही।

रैली में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, वामपंथी दलों और अन्य विपक्षी संगठनों के झंडे एक साथ नजर आए। कार्यकर्ता ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ के नारे लगाते हुए रामलीला मैदान पहुंचे। कई प्रदर्शनकारियों के हाथों में संविधान की प्रतियां थीं। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई। गठबंधन के नेता रणथंभौर से लाई गई खुली जीप में सवार होकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे।

खड़गे का हमला- वोटर चुनकर प्रधानमंत्री बनने का लगाया आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अब मतदाता अपनी पसंद से सरकार नहीं चुन पा रहे, बल्कि वोटर चुनने की कोशिश की जा रही है। खड़गे ने महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों के गठन पर भी सवाल उठाते हुए चुनावी धांधली के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पद पर बने रहेंगे, विपक्ष अपनी लड़ाई जारी रखेगा। खड़गे ने गठबंधन के नेताओं और कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।

राहुल गांधी बोले- संविधान से बड़ा कोई नहीं

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि देश को ऐसा भारत चाहिए जहां किसानों के सपने पूरे हों, युवाओं को रोजगार मिले और संस्थाओं पर कुछ चुनिंदा लोगों का नियंत्रण न हो। उन्होंने उद्योगपति गौतम अडानी का नाम लेते हुए संस्थाओं पर प्रभाव को लेकर सवाल उठाए।राहुल गांधी ने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा विपक्ष की प्राथमिकता है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को इस लड़ाई का पहला कदम बताया।राहुल ने भाजपा, आरएसएस और केंद्र सरकार पर समाज में नफरत फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश को नफरत नहीं, बल्कि प्रेम और भाईचारे की जरूरत है। महात्मा गांधी के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। दलित, आदिवासी, महिला, दिव्यांग और सभी धर्मों के लोगों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए।

ममता बनर्जी ने बंगाल चुनाव को लेकर लगाए गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी प्रक्रिया की आड़ में बंगाल का चुनाव प्रभावित किया गया। ममता ने तंज कसते हुए SIR को भाजपा के लिए ‘स्पेशल इंटेंसिव रिलीफ’ करार दिया।उन्होंने भाजपा पर युवाओं के रोजगार, महिलाओं के सम्मान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। ममता ने कहा कि विपक्ष को एकजुट होकर सत्ता के खिलाफ आवाज बुलंद करनी होगी।

अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग की चुप्पी पर उठाए सवाल

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी ने कथित वोट चोरी से जुड़े साक्ष्यों के साथ चुनाव आयोग को शिकायत और हलफनामा दिया था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए मतों में हेरफेर का सहारा लेती है।अखिलेश ने पश्चिम बंगाल के चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि जनता अब कथित वोट छीनने और झूठे वादों का जवाब देने के लिए तैयार है।

तेजस्वी यादव ने भाजपा-आरएसएस पर साधा निशाना

बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भाजपा और आरएसएस पर स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों की आजादी की लड़ाई में भूमिका नहीं रही, वे आज दूसरों को देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांट रहे हैं।तेजस्वी ने आरोप लगाया कि अब देश में यह तय करने की कोशिश हो रही है कि कौन मतदान करेगा और कौन नहीं। उन्होंने लोकतंत्र बचाने के लिए सभी विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की।

महबूबा मुफ्ती बोलीं- जनता का वोटिंग अधिकार बचाना जरूरी

पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान में बदलाव कर लोगों के अधिकार सीमित करना चाहती है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है और इसे बचाने के लिए सभी विपक्षी दलों को साथ आना होगा।

वामपंथी नेताओं ने भी सरकार को घेरा

भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके माध्यम से आम लोगों के मतदान के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने वोटिंग अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन तेज करने की बात कही।वहीं, माकपा महासचिव एमए बेबी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘झूठ का सम्राट’ बताते हुए सरकार पर महिलाओं और किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्षी एकता जरूरी है।

छात्र संगठनों की भी रही भागीदारी

रैली में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने भी संबोधन किया। इस दौरान स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के सदस्यों ने भी उनकी बातों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जनता लोकतंत्र के खिलाफ किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देगी।रामलीला मैदान की इस रैली में राजनीतिक दलों के अलावा कई नागरिक संगठनों की भी भागीदारी रही। INDIA गठबंधन ने इस आयोजन के जरिए चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, मताधिकार और संविधान की रक्षा को अपना प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बनाया।

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