वकीलों ने किया शासन प्रशासन का बुद्धि शुद्धि यज्ञ
ई रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं ने शासन प्रशासन की बुद्धि शुद्धि के लिए किया यज्ञ
सुंदरकांड का पाठ और रामधुन का हुआ आयोजन
खेरागढ़
ई रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में खेरागढ़ तहसील के अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मंगलवार को अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में शासन की "बुद्धि-शुद्धि" के लिए यज्ञ एवं सुंदरकांड पाठ और रामधुन का आयोजन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, टाइपिस्ट,मुंशी,और स्टाम्प वेंडर शामिल हुए।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष हरिओम सिकरवार ने बताया कि 4 जून 2026 को जारी शासनादेश के तहत बैनामा एवं अन्य पंजीकरण कार्यों को ई-पंजीकरण के माध्यम से निजी क्षेत्र को सौंपने की व्यवस्था की गई है, जिसका पूरे प्रदेश में अधिवक्ताओं द्वारा लगातार विरोध किया जा रहा है। और बीते 11 दिनों से चल रही कलमबंद हड़ताल के कारण निबंधन कार्यालय और न्यायालयों का काम ठप है।वकीलों का कहना है कि इस नई व्यवस्था से हजारों लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा हो जाएगा। यदि शासनादेश वापस नहीं लिया गया तो हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा।इस दौरान सचिव रामवीर सिकरवार, कोषाध्यक्ष सुधीर शर्मा,पूर्व अध्यक्ष इन्द्रजीत सिंह,ललित सिकरवार,मनोज तोमर,राघवेंद्र तोमर, ललित सिकरवार,कोमल सिंह,प्रदीप कुमार,अशोक शर्मा,सुरेंद्र लवानियां,जोगेन्द्र सिंह,बच्चू राजपूत, रामप्रकाश गालव सहित समस्त स्टाम्प वेंडर, टाइपिस्ट, दस्तावेज लेखक शामिल रहे