चंबल नदी का पैंटून पुल: स्टीमर की अनुपलब्धता से हटाव प्रक्रिया में देरी, अभी जारी है आवागमन
पिनाहट (आगरा)। चंबल नदी पर बने पिनाहट घाट के पैंटून पुल को हटाए जाने का कार्य फिलहाल तकनीकी कारणों से रुक गया है। प्रशासन द्वारा इस पुल को हटाने की योजना मंगलवार को थी, लेकिन वैकल्पिक स्टीमर समय पर उपलब्ध न होने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
क्या है मामला?
मानसून के दौरान चंबल नदी में बाढ़ की संभावनाओं को देखते हुए प्रतिवर्ष 15 जून से 15 अक्टूबर के बीच पैंटून पुल को हटा दिया जाता है। इस अवधि में लोगों के आवागमन के लिए स्टीमर का संचालन किया जाता है। इस वर्ष मानसून की देरी के कारण पुल हटाने के काम में विलंब हुआ, लेकिन अब बारिश शुरू होने के बाद इसे हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है।
मंगलवार को सिर्फ औपचारिकता हुई पूरी
मंगलवार को लोक निर्माण विभाग (PWD) के कर्मचारी पुल हटाने के लिए घाट पर पहुंचे थे, लेकिन स्टीमर न पहुंचने के कारण वे केवल बैरिकेडिंग हटाने तक ही सीमित रह गए। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, स्टीमर के बुधवार तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके आने के बाद ही पुल को हटाकर आवागमन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित किया जाएगा।
15 अक्टूबर तक स्टीमर ही रहेगा विकल्प
PWD अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक स्टीमर संचालन पूरी तरह शुरू नहीं हो जाता, तब तक पुल को आवागमन के लिए खुला रखा जाएगा ताकि आम जनता को असुविधा न हो। एक बार पुल हट जाने के बाद, अगले 4 महीनों तक किसानों, स्कूली छात्रों और मरीजों को चंबल पार करने के लिए स्टीमर की सेवा पर ही निर्भर रहना होगा।