शस्त्र लाइसेंस नियमों में भारी बदलाव! अब वारिसों को मिलेगा सिर्फ 1 हथियार, बाकी होंगे रद्द
आगरा: जिले में शस्त्र (हथियार) का शौक रखने वालों या विरासत में बंदूक-पिस्तौल पाने की उम्मीद लगाए बैठे लोगों के लिए एक बहुत बड़ी और जरूरी खबर है। आगरा के जिलाधिकारी (DM) मनीष बंसल ने वारिसान शस्त्र लाइसेंस स्थानांतरण (Arm License Transfer) की प्रक्रिया में एक बहुत बड़ा बदलाव कर दिया है।
इस नए नियम के आने के बाद अब किसी भी मृत लाइसेंस धारक के वारिसों को उनके सारे हथियार नहीं मिल सकेंगे।
क्या है नया नियम?
नए आदेश के मुताबिक, यदि किसी शस्त्र लाइसेंस धारक के पास एक से अधिक (दो या तीन) लाइसेंसी हथियार हैं, तो उसकी मृत्यु के बाद उसके वारिस के नाम पर केवल एक ही हथियार ट्रांसफर किया जा सकेगा। बाकी के बचे हुए लाइसेंस पूरी तरह से रद्द (Cancel) कर दिए जाएंगे।
इतना ही नहीं, यदि किसी मृत लाइसेंसी के दो वारिस भी हैं, तो भी दोनों को अलग-अलग हथियार नहीं मिलेंगे। उनमें से किसी एक ही वारिस के नाम पर सिर्फ एक लाइसेंस ट्रांसफर किया जाएगा।
पुलिस वेरिफिकेशन हुआ बेहद सख्त
आयुध प्रभारी और एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान के अनुसार, अब वारिसान शस्त्र लाइसेंस के लिए पुलिस सत्यापन (Police Verification) को अनिवार्य और पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिया गया है। अगर आवेदन करने वाले वारिस के खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला दर्ज है, तो पुलिस से उसकी पूरी स्पष्ट रिपोर्ट मांगी जा रही है। साथ ही, वारिसान शस्त्र के आवेदन के लिए अब पहले से अनुमति लेना भी जरूरी कर दिया गया है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
जिलाधिकारी मनीष बंसल का कहना है कि इस नियम को बदलने का मुख्य उद्देश्य लोगों को शस्त्र लाइसेंस रखने के प्रति हतोत्साहित करना (कम करना) है। अकेले आगरा जिले में इस समय कुल 46,688 शस्त्र लाइसेंस हैं, जिनमें शहर में 21,131 और ग्रामीण क्षेत्रों में 25,557 लाइसेंसी हथियार शामिल हैं। सरकार और प्रशासन अब हथियारों के इस चलन को सीमित करना चाहते हैं।
वर्तमान में कलेक्ट्रेट के आयुध अनुभाग में रिन्यूअल (नवीनीकरण) और वारिसान ट्रांसफर के 1000 से अधिक आवेदन लंबित चल रहे हैं, जिन पर अब इन नए और सख्त नियमों के तहत ही कार्रवाई की जाएगी।