शमशाबाद के घड़ी गुसाईं में दबंगों का तालाब पर कब्जा, बारिश में डूब रहे घर, कछुए भी मरे, प्रशासन मौन
शमशाबाद। थाना शमशाबाद क्षेत्र के धीमश्री के गांव घड़ी गुसाईं में दबंगों द्वारा तालाब पर अवैध कब्जे के कारण पूरा गांव जलभराव की समस्या से जूझ रहा है। तालाब पाटे जाने से न सिर्फ दर्जनों परिवारों के घरों में पानी भर रहा है, बल्कि तालाब में रहने वाले कछुए और अन्य जीव-जंतु भी मर रहे हैं। ग्रामीणों ने SDM फतेहाबाद से लेकर कई अधिकारियों को शिकायत की, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मिट्टी डालकर तालाब को बना दिया प्लाट
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने सरकारी तालाब में ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से मिट्टी डलवाकर उसे पूरी तरह घेर लिया है। पहले जहां बरसात का पानी इकट्ठा होता था, अब वहां खाली जमीन दिखाई दे रही है। तालाब का प्राकृतिक निकास बंद होने से गांव की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है।
बारिश आते ही घरों में भर जाता है 2 फीट पानी
तालाब बंद होने का खामियाजा गांव के आसपास रहने वाले परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि थोड़ी सी बारिश होते ही उनके घरों में 1 से 2 फीट तक पानी भर जाता है।
"राशन, बिस्तर, बच्चों की किताबें सब खराब हो गईं। रात-रात भर जागकर पानी निकालना पड़ता है। बुजुर्गों और छोटे बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है" - पीड़ितों ने बताया।
कछुए और जलीय जीव मर रहे, पर्यावरण को नुकसान

तालाब में पहले बड़े-बड़े कछुए, मछलियां और अन्य जलीय जीव रहते थे। कब्जे और पानी के रुकने से अब कछुओं के मरने की भी खबरें सामने आ रही हैं। ग्रामीणों ने कहा कि इससे पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है।
शिकायत के बाद भी नहीं हुई सुनवाई, SDM बोलीं 'कार्यवाही चल रही'
पीड़ित ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत कई बार SDM फतेहाबाद स्वाति शर्मा को दी है। SDM ने कहा कि "कार्यवाही की जा रही है"।
ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने ग्राम प्रधान सहित राजस्व और प्रशासन के सभी अधिकारियों को लिखित और मौखिक रूप से सूचित किया, लेकिन किसी ने भी मौके पर आकर समस्या नहीं देखी और न ही कब्जा हटवाया।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों से मांग की है कि तालाब से अवैध कब्जा तुरंत हटवाकर मिट्टी निकलवाई जाए और तालाब को पहले जैसी स्थिति में लाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मजबूरन उन्हें धरना-प्रदर्शन करना पड़ेगा।
फिलहाल तालाब पर कब्जा बरकरार है और बारिश में गांव के लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।