'अतिदोहित' श्रेणी में पहुंचा शहर; DM मनीष बंसल ने की 16 जुलाई से 'भूजल सप्ताह' की घोषणा
आगरा जनपद में लगातार गिरता भूजल स्तर एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मोड़ पर पहुंच गया है। वर्ष 2025 के भूजल संसाधन आकलन की जो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है, उसके मुताबिक आगरा शहर समेत जिले के 08 विकास खंड 'अतिदोहित' (Over-exploited) श्रेणी में आ चुके हैं। इसके अलावा 03 विकास खंड क्रिटिकल और 04 विकास खंड सेमी-क्रिटिकल श्रेणी में वर्गीकृत हैं।
इस गंभीर संकट से निपटने और पानी की एक-एक बूंद को सहेजने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी (DM) श्री मनीष बंसल ने जनपद में 16 से 22 जुलाई, 2026 तक सात दिवसीय "भूजल सप्ताह" मनाने की घोषणा की है। इस वर्ष यह अभियान "जल संरक्षण का करें संकल्प, इसका नहीं है कोई विकल्प" की बेहद जरूरी थीम पर आयोजित किया जा रहा है।
ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक का एक्शन प्लान
जिलाधिकारी ने बताया कि इस 07 दिवसीय जन जागरूकता अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के लिए पूरा रूट मैप तैयार कर लिया गया है:
16 व 17 जुलाई: ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे।
18 व 19 जुलाई: विकास खंड (ब्लॉक) और क्षेत्र पंचायतों में कार्यक्रमों की कमान होगी।
20 व 21 जुलाई: नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में जन सहभागिता से अभियान चलेगा।
22 जुलाई: जनपद मुख्यालय पर जिला पंचायत, नगर निगम, एडीए (ADA) और सभी विभागों के आपसी तालमेल से इसका भव्य समापन होगा।
प्रशासनिक मुस्तैदी: अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को मुख्य नोडल अधिकारी, जबकि नगर आयुक्त और एडीए उपाध्यक्ष को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
भूजल सप्ताह में क्या-क्या होगा? (श्रमदान से लेकर ड्रिप सिंचाई तक)
इस सात दिवसीय अभियान के दौरान केवल कागजी बातें नहीं होंगी, बल्कि जमीन पर बड़े बदलाव की तैयारी है:
तालाबों का पुनरुद्धार और श्रमदान: चिह्नित जल निकायों और पुराने तालाबों को पुनर्जीवित करने के लिए बड़े स्तर पर सामूहिक श्रमदान किया जाएगा।
वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting): घरों, स्कूलों और सार्वजनिक भवनों की छतों को चिह्नित कर 'रिचार्ज पिट' का निर्माण किया जाएगा ताकि बारिश का पानी सीधे जमीन के अंदर जा सके।
आधुनिक खेती पर जोर: पानी की बर्बादी रोकने के लिए किसानों को जल-दक्ष तकनीकों जैसे ड्रिप (टपक सिंचाई) और स्प्रिंकलर (फव्वारा सिंचाई) विधियों का लाइव प्रदर्शन कर प्रेरित किया जाएगा।
स्कूलों-कॉलेजों में धूम: बच्चों में जल संरक्षण के प्रति चेतना जगाने के लिए जल संदेश यात्रा, चित्र प्रदर्शनी, रंगोली, पोस्टर और खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा।
जिलाधिकारी मनीष बंसल की जनता से भावुक अपील
जिलाधिकारी ने आगरा के समस्त नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों, रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटियों (RWS), स्कूलों और स्वयं सहायता समूहों से हाथ जोड़कर इस अभियान में शामिल होने की अपील की है।
DM की मुख्य बातें:

"जल है तो कल है - भूजल बचाएं, जीवन बचाएं। भूजल हम सबकी साझा धरोहर है और इसे बचाना केवल प्रशासन का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का परम दायित्व है। आइए, इस मानसून सीजन में हम सब मिलकर सामूहिक रूप से 'जल संरक्षण की शपथ' लें, अपने घरों में रिचार्ज पिट बनाएं और आगरा को एक जल-सुरक्षित जनपद बनाने में अपना योगदान दें।"
जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित विभाग प्रतिदिन आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की फोटो, वीडियो और संक्षिप्त रिपोर्ट समय से उपलब्ध कराएं ताकि अभियान की कड़ी मॉनिटरिंग की जा सके।