आगरा के 5 गांवों में 'किसान वैज्ञानिक संवाद': कृषि विशेषज्ञों ने परखीं तकनीकें, मशीनरी वितरित कर दिया आय बढ़ाने का मंत्र
आगरा जनपद के किसानों की आय बढ़ाने और खेती-किसानी को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से शुक्रवार, 24 जुलाई को 'किसान वैज्ञानिक संवाद एवं किसान गोष्ठी' का आयोजन किया गया। यह आयोजन 'एकीकृत कृषि परियोजना' के तहत झांसी स्थित भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान (ICAR-IGFRI) द्वारा संचालित और उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (UPCAR), लखनऊ द्वारा वित्तपोषित कार्यक्रम के अंतर्गत संपन्न हुआ।

इस कार्यक्रम के तहत आगरा के 5 चयनित गांवों—सहारा, बराड़ा, अंगूठी, मिर्जापुर और अटूस—में परियोजना की गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई और विशेषज्ञों की टीम ने प्रक्षेत्र भ्रमण (Field Visit) किया।

विशेषज्ञ दल ने की सराहना, कस्टम हायरिंग सेंटर का हुआ उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों के दल ने गांवों में जाकर परियोजना के तहत अपनाई जा रही तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया और सुधार हेतु उपयोगी सुझाव दिए।
कस्टम हायरिंग सेंटर का शुभारंभ: किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र आसानी से उपलब्ध कराने के लिए विशेषज्ञ दल ने कृषि मशीन आधारित कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Centre) का उद्घाटन किया।

कृषि इनपुट का वितरण: किसान गोष्ठी में उपस्थित लगभग 120 किसानों को आधुनिक खेती से जुड़े आवश्यक कृषि इनपुट और मशीनें भी वितरित की गईं।
"सटीक तकनीक से बढ़ रही है पैदावार और मुनाफा"
संवाद के दौरान लाभार्थी किसानों ने बताया कि परियोजना के माध्यम से उन्हें चारा प्रबंधन, पशुपालन, सब्जी-फल और अनाज उत्पादन की सटीक तकनीकों की जानकारी मिली है। आधुनिक तकनीक तक पहुँच बनने से कृषि और पशुपालन दोनों की उत्पादकता में सुधार आ रहा है, जिससे उनकी आय सुदृढ़ हो रही है।
परियोजना के प्रधान अन्वेषक (Principal Investigator) डॉ. गौरेंद्र गुप्ता ने बताया कि:
"एकीकृत कृषि प्रणाली (Integrated Farming System) को अपनाकर किसान अपनी लागत कम कर सकते हैं और उत्पादन में बढ़ोतरी कर सकते हैं। इससे खेती अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनती है।"
200 से अधिक किसान हो रहे लाभान्वित
उल्लेखनीय है कि 'उत्तर प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने के लिए उन्नत कृषि तकनीकी समावेश' परियोजना के माध्यम से आगरा जिले के 200 से अधिक किसान उन्नत तकनीकों का लाभ उठा रहे हैं, जिससे क्षेत्र के ग्रामीण अर्थशास्त्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक
विशेषज्ञ समिति: गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के डॉ. ओमवीर सिंह, डॉ. पी.वी. सिंह, डॉ. अनिल कुमार यादव और उपकार (UPCAR) समिति के डॉ. ओ.पी. वर्मा (प्रमुख विशेषज्ञ) व डॉ. अवधेश कुमार यादव।
परियोजना क्रियान्वयन टीम: डॉ. गौरेंद्र गुप्ता (प्रधान अन्वेषक), सीताराम कांटवा, डॉ. प्रकाश नारायण द्विवेदी, डॉ. महेश कुमार सिंह एवं वीरेंद्र।