ताजमहल पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं की खुली पोल: बंदर के काटने से दर्द से तड़पती रही कोरियाई पर्यटक, 1 घंटे बाद भी नहीं पहुंची एंबुलेंस
विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल पर एक बार फिर बंदरों का आतंक और लचर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गंभीर लापरवाही सामने आई है। ताजमहल भ्रमण पर आई दक्षिण कोरिया (South Korea) की एक महिला पर्यटक को बंदर ने काटकर बुरी तरह घायल कर दिया।
हैरानी की बात यह रही कि घटना के बाद करीब एक घंटे तक पीड़ित पर्यटक दर्द से तड़पती रही, लेकिन समय पर एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। व्यवस्था में हुई इस बड़ी देरी के बाद एंबुलेंस चालक की शिकायत दर्ज कराई गई है।
घटना का विवरण:
बंदर का हमला: कोरियाई पर्यटक ताजमहल परिसर में घूम रही थी, तभी अचानक एक बंदर ने उस पर हमला कर दिया और उसे दांतों से काट लिया।
इंतज़ार और लापरवाही: घटना के तुरंत बाद स्थानीय गाइड और पर्यटकों ने आपातकालीन एंबुलेंस (108) को कॉल किया। आरोप है कि लगभग एक घंटे तक इंतज़ार करने के बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुँची, जिससे विदेशी पर्यटक को सही समय पर प्राथमिक उपचार नहीं मिल सका।
चालक की शिकायत: प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा में हुई इस बड़ी लापरवाही और देरी को लेकर एंबुलेंस चालक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है।
पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
ताजमहल पर आए दिन बंदरों और कुत्तों के पर्यटकों पर हमले की घटनाएं सामने आती रहती हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के इस पर्यटन स्थल पर विदेशी पर्यटक के साथ हुई इस घटना ने स्थानीय प्रशासन, एएसआई (ASI) और स्वास्थ्य विभाग के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा और त्वरित मेडिकल इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम में इस तरह की चूक से देश की छवि पर भी विपरीत असर पड़ता है। स्थानीय लोगों और गाइडों ने मांग की है कि ताजमहल परिसर में बंदरों के आतंक पर लगाम लगाई जाए और 24 घंटे त्वरित मेडिकल सुविधा तैनात रखी जाए।