आटा और मैदा मिलों पर मारा छापा, 16 सैंपल भरकर जांच के लिए भेजे लैब
जनपद आगरा में आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने जिले की विभिन्न आटा, मैदा, सूजी, बेसन और दलिया निर्माण एवं विक्रय इकाइयों पर विशेष जांच अभियान चलाते हुए कुल 16 विधिक खाद्य नमूने (Legal Samples) संग्रहित किए हैं।
इन प्रमुख प्रतिष्ठानों से लिए गए सैंपल
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II महेन्द्र के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के तहत आगरा की नामचीन फ्लोर मिलों और प्रतिष्ठानों से नमूने एकत्र किए गए:
गणेश कंज्यूमर सर्विस प्रा. लि. (भागूपुर): आटा, बेसन, दलिया, मैदा और सूजी के कुल 05 नमूने।
बी.पी. फ्लोर मिल्स प्रा. लि. (भागूपुर): साधारण आटा और फोर्टिफाइड गेहूं का आटा (02 नमूने)।
आगरा रोलर फ्लोर मिल्स (मथुरा रोड): गेहूं का आटा और मैदा (02 नमूने)।
आगरा फ्लोर मिल (सेवला जाट, ग्वालियर रोड): गेहूं के आटे के 02 नमूने।
गुप्ता एंटरप्राइजेज फ्लोर मिल: गेहूं के आटे के 02 नमूने।
लक्ष्मी नारायण आटा मिल (मलपुरा): गेहूं के आटे का 01 नमूना।
अग्रवाल फूड्स (नगला कमाल रोड, खेरागढ़): गेहूं के आटे का 01 नमूना।
कन्हैया फ्लोर मिल: गेहूं के आटे का 01 नमूना।
लैब रिपोर्ट के बाद होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संग्रहित किए गए सभी 16 नमूनों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए राजकीय खाद्य प्रयोगशाला (State Food Laboratory) परीक्षण के लिए भेजा जा रहा है।
प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद, यदि किसी भी सैंपल में मिलावट या मानकों में कमी पाई जाती है, तो संबंधित मिलों और विक्रेताओं के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 (FSSAI Act) के सख्त प्रावधानों के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटखोरों पर जारी रहेगा शिकंजा
सहायक आयुक्त (खाद्य)-II ने स्पष्ट किया कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने और बाजारों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जिले भर में इस तरह के विशेष प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार चलाए जाते रहेंगे।