डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का 92वाँ दीक्षांत समारोह: तकनीक, संस्कार, नवाचार और महिला सशक्तिकरण का ऐतिहासिक महाकुंभ

शताब्दी वर्ष में 79,832 उपाधियों का वितरण; 88 में से 63 पदकों पर बेटियों का कब्ज़ा; 1002 बालिकाओं का हुआ निःशुल्क HPV टीकाकरण

डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा का 92वाँ दीक्षांत समारोह स्वामी विवेकानंद (खंदारी) परिसर स्थित ‘शिवाजी मंडपम’ में अत्यंत गरिमामय, अनुशासित एवं भारतीय सांस्कृतिक परिवेश में संपन्न हुआ। विश्वविद्यालय की 100 वर्षों की ऐतिहासिक एवं गौरवशाली यात्रा (शताब्दी वर्ष) के अंतर्गत आयोजित यह समारोह ज्ञान, संस्कार, नवाचार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक उत्तरदायित्व का अद्वितीय संगम बना।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने की। मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के अध्यक्ष प्रो. पंकज अरोड़ा, विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय, राज्य मंत्री श्रीमती रजनी तिवारी तथा पश्चिम बंगाल के पारंपरिक गोल्डन ग्रास (मदुर) शिल्पकार अर्धेंदु शेखर दास मंचासीन रहे। समारोह का संचालन कुलसचिव अजय मिश्रा एवं जनसंपर्क अधिकारी पूजा सक्सेना ने किया, जबकि कुलपति प्रो. आशु रानी ने विश्वविद्यालय का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।
हस्तनिर्मित बुके से अतिथियों का स्वागत एवं रंग-बिरंगी झलकियाँ


आत्मनिर्भरता की मिसाल: अतिथियों का स्वागत गृह विज्ञान संस्थान की छात्राओं (हेमांशाली चौधरी, श्रुति, स्नेहा, अमन एवं श्रेया) द्वारा डॉ. प्रीति यादव के मार्गदर्शन में पाइप क्लीनर, बीजी, टेप, कोरियन पेपर एवं स्पंज से तैयार इको-फ्रेंडली हस्तनिर्मित फ्लावर बुके भेंट कर किया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: विश्वविद्यालय मॉडल स्कूल के छोटे बच्चों ने "पर्यावरण गीत" तथा छाते एवं अन्य माध्यमों से पर्यावरण संरक्षण पर मनोहारी प्रस्तुतियाँ दीं।
भावुक क्षण एवं दुलार: मेधावियों की सफलता देख उनके अभिभावक भावुक हो उठे। कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने मंच से ही नन्हे बच्चों को दुलारा और चॉकलेट वितरित की।
1002 बालिकाओं का निःशुल्क HPV टीकाकरण व पोषण बास्केट
समारोह के प्रमुख आकर्षण के रूप में कुलाधिपति ने परिसर में आयोजित एचपीवी (HPV) टीकाकरण शिविर का निरीक्षण किया:
कैंसर रोधी सुरक्षा चक्र: मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव एवं प्रो. आशु रानी के सहयोग से 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की 1002 बालिकाओं का सर्वाइकल कैंसर से बचाव हेतु निःशुल्क टीकाकरण किया गया।

विशेष पोषण बास्केट: ICMR-NIN के मानकों के अनुरूप गृह विज्ञान संस्थान द्वारा तैयार रागी न्यूट्री बिस्किट, मोरिंगा सोरघम मठरी, चोको नट कैंडी, आंवला कैंडी, कैरामेलाइज़्ड गुड़ मखाना और हेल्दी शिकंजी युक्त 'पोषण बास्केट' बालिकाओं को उपहार स्वरूप दी गई।
सराहना व प्रशस्ति पत्र: कुलाधिपति ने टीकाकरण कराने वाली बालिकाओं को प्रमाण पत्र दिए तथा उत्कृष्ट स्वास्थ्य अभियान के लिए CMO डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव को प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।

"समस्या का समाधान बने आपकी शिक्षा, बेटियाँ लिख रही हैं नया इतिहास": कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल
नारी शक्ति का परचम: मेधावी विद्यार्थियों में बेटियों के शानदार प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि 88 में से 63 पदक बेटियों के नाम होना समाज में सकारात्मक बदलाव और उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।
'वेस्ट टू वेल्थ' व स्वरोजगार: नदियों से कचरा/फूल निकालकर हस्तशिल्प बनाने वाली महिलाओं तथा IAS की तैयारी छोड़कर 2,500 महिलाओं को रोजगार देने वाले युवाओं की मिसाल देते हुए उन्होंने इनोवेशन और 'वेस्ट टू वेल्थ' को अपनाने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकार: नशामुक्त समाज, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पर्यावरण संरक्षण हेतु 'एक पेड़ माँ के नाम' और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को किट वितरण जैसी पहलों पर बल दिया।
"दीक्षांत है, शिक्षान्त नहीं; संस्कारयुक्त शिक्षा ही चरित्र का आधार": उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय
निरंतर अधिगम: शिक्षा जीवनभर चलने वाली प्रक्रिया है। प्राप्त उपाधि केवल नौकरी का साधन नहीं, बल्कि समाज के प्रति दायित्व का माध्यम है।
युवाओं से आह्वान: छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य और डॉ. बी.आर. आंबेडकर के सामाजिक न्याय के विचारों को याद करते हुए उन्होंने युवाओं को अभिव्यक्ति की मर्यादा बनाए रखने और प्रधानमंत्री के नशामुक्त भारत अभियान से जुड़ने को कहा।
"NEP 2020, एआई और नैतिक मूल्य": प्रो. पंकज अरोड़ा (मुख्य अतिथि, अध्यक्ष - NCTE)
युवाओं को 5 सूत्र: (1) जीवन भर सीखते रहें, (2) राष्ट्रहित को सर्वोच्च मानकर सफलता चुनें, (3) नवाचार अपनाएँ, (4) एआई व तकनीक का नैतिक उपयोग करें, और (5) जॉब सीकर की जगह जॉब क्रिएटर बनें।
विकसित भारत 2047: भारत की विशाल युवा शक्ति 2047 तक देश को विश्वगुरु और विकसित राष्ट्र बनाने की रीढ़ है।
"ग्लोबल रैंकिंग और एआई क्रांति की ओर अग्रसर": कुलपति प्रो. आशु रानी
शैक्षणिक उपलब्धियाँ: NAAC A+ ग्रेड के बाद विश्वविद्यालय ने NIRF (स्टेट यूनिवर्सिटी श्रेणी) में 51-200 बैंड में स्थान बनाया है।
तकनीकी नवाचार: 'AI for All' प्रोग्राम, 12 नए एआई स्टार्टअप्स ('ऐक्यम' व चैटबॉट 'जोजो'), मॉस्को स्टेट पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी के साथ अंतरराष्ट्रीय रिसर्च साझेदारी तथा सौर ऊर्जा से चलने वाली ई-साइकिल का नवाचार प्रस्तुत किया।
विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास
कुलाधिपति द्वारा कई महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया:
लोकार्पण: कणाद हाई-टेक इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर, सुल्तानगंज परिसर में 'सेंटर फॉर लीगल एजुकेशन' (शताब्दी भवन), मियावाकी (निधिवन) परियोजना, चाणक्य सदन व अतिथि गृह एकीकरण, मॉडल स्कूल जीर्णोद्धार, आंबेडकर प्रतिमा स्थल नवीनीकरण तथा छलेसर में सुभाष चंद्र बोस मुख्य द्वार व लॉन टेनिस कोर्ट।
शिलान्यास: खंदारी परिसर में आंबेडकर भवन एवं टीचर्स होम (12 आवास) के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के" के एम आई संस्थान "में संचालित पत्रकारिता " पी जी डी एम सी "विषय में प्रथम अंक प्राप्त करने वाली छात्रा रेनू यादव ( प्राप्त अंक 235 /300 ) को " डॉ अजय कुमार शर्मा स्मृति स्वर्ण पदक" एवम द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र सुमित शर्मा (प्राप्त अंक 233 /300 ) को "आनंद शर्मा एवं श्रीमती कमलेश कुमारी शर्मा स्मृति "रजत पदक प्रदान किया गया ।
इस अवसर पर दिवंगत पत्रकार एवं के एम आई संस्थान के शिक्षक डॉ.अजय शर्मा जी की धर्मपत्नी श्रीमती मृदु शर्मा, पुत्र बृजेश शर्मा एडवोकेट एवं पुत्र वधू श्रीमती शिखा शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। एवं के एम आई संस्थान के निदेशक प्रोफेसर प्रदीप श्रीधर एवं वरिष्ट शिक्षक डॉ संदीप शर्मा ने विजेताओं को शुभकामनाएं प्रेषित करी।
विश्वविद्यालय छात्र संघ अध्यक्ष को मिली पीएचडी उपाधि

डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा के 92वे दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष गौरव शर्मा को भी पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। गौरव शर्मा ने गणित विषय में पीएचडी पूर्ण की है। महामहिम राज्यपाल द्वारा उन्हें पीएचडी की उपाधि प्रदान की।
गौरव शर्मा के शोध निदेशक, परिवारीजनों, विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र नेताओं ने उनकी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया।
"डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय का यह शताब्दी दीक्षांत समारोह केवल डिग्रियों के वितरण का उत्सव नहीं था, बल्कि यह डिजिटल तकनीक (DigiLocker/AI), सामाजिक दायित्व (HPV टीकाकरण व आंगनवाड़ी किट) और संस्कारयुक्त शिक्षा के समावेश का एक ऐसा ऐतिहासिक अध्याय बन गया जो 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को नई दिशा प्रदान करेगा।"