उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान की अध्यक्षता में आगरा में महिला जनसुनवाई आयोजित

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आगरा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान की अध्यक्षता में आगरा स्थित नवीन सर्किट हाउस में 'महिला जनसुनवाई' का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में पहुँची पीड़ित महिलाओं ने अपनी समस्याएँ रखीं, जिस पर आयोग अध्यक्ष ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

घरेलू हिंसा व अवैध कब्जे की शिकायतों पर सख्त रुख

जनसुनवाई के बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि सुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा और कमजोर-असहाय महिलाओं पर अत्याचार व ज़मीन/मकान पर अवैध कब्जे के कई मामले सामने आए हैं।

उन्होंने सदर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए बताया कि एक मूक-बधिर महिला की ज़मीन पर अवैध रूप से कब्ज़ा करने का प्रयास किया जा रहा था। इस मामले में तुरंत संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निष्पक्ष कार्रवाई और ज़मीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। डॉ. चौहान ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से पीड़ित और असहाय लोगों के साथ खड़ी है।

पुलिस जाँच में देरी पर जताई नाराजगी

जनसुनवाई के दौरान मामलों के निपटारे में देरी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ थानों में जाँच प्रक्रिया महीनों तक खिंचती रहती है। एक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 7 महीने पुरानी शिकायत पर भी जाँच पूरी न होने की बात कही गई, जो कि गंभीर बात है। उन्होंने अधिकारियों को मामलों में जवाबदेही तय करने और समय सीमा के भीतर पारदर्शी जाँच पूरी करने की सख्त चेतावनी दी।

छात्रों के अभद्र व्यवहार और वायरल वीडियो पर दी प्रतिक्रिया

हाल ही में सोशल मीडिया पर छात्रों के उग्र प्रदर्शन और भाषा शैली के वायरल वीडियो पर सवाल पूछे जाने पर आयोग अध्यक्ष ने कहा कि छात्रों और युवाओं द्वारा मर्यादा लांघना और अभद्र भाषा का प्रयोग करना भारतीय संस्कृति व संस्कारों के खिलाफ है।

छात्राओं द्वारा माफी मांगे जाने वाले वीडियो पर उन्होंने कहा कि यदि किसी ने अपनी गलती का अहसास किया है तो यह सकारात्मक है, लेकिन छात्रों को यह समझना होगा कि वे किसके उकसावे में आकर ऐसा कदम उठा रहे हैं। उन्होंने युवाओं से संयम रखने और सामाजिक मर्यादा का पालन करने की अपील की।

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