झारखंड में JPSC-JSSC धांधली पर बवाल: छात्रों के विधानसभा घेराव पर पुलिस का लाठीचार्ज, विरोध में BJP का आज 'झारखंड बंद'

139 readers

झारखंड में राज्य लोक सेवा आयोग (JPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन अब उग्र रूप ले चुका है। आंदोलन के 17वें दिन हजारों की संख्या में आक्रोशित छात्रों ने रांची में विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के बाद राज्य की राजनीति गरमा गई है।

विधानसभा गेट तक पहुंचे छात्र, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

सोमवार को हुए इस प्रदर्शन के दौरान हजारों की संख्या में पहुंचे छात्रों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़ दिया और विधानसभा के मुख्य गेट तक पहुंच गए। स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, पानी की बौछारें (वॉटर कैनन) छोड़ीं और आंसू गैस के गोले दागे।

प्रशासन की सफाई: रांची प्रशासन का दावा है कि पुलिस ने काफी संयम से काम लिया। प्रशासन के अनुसार, प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से पुलिस जवानों पर पथराव किया गया था, जिसके बाद बल प्रयोग करना पड़ा।

छात्र नेता अस्पताल में भर्ती: आंदोलन के दौरान अनशन पर बैठे प्रमुख छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

लाठीचार्ज के विरोध में आज BJP का 'झारखंड बंद'

छात्रों पर हुए पुलिसिया एक्शन के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 11 अगस्त को पूरे झारखंड बंद का आह्वान किया है।

बाबूलाल मरांडी (पूर्व सीएम): उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार संवाद के बजाय छात्रों पर लाठी चला रही है। उन्होंने भर्ती धांधली की CBI जांच की मांग दोहराई।

आदित्य साहू और निशिकांत दुबे: प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने बाबूलाल मरांडी के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई को 'तानाशाही' करार दिया, वहीं सांसद निशिकांत दुबे ने छात्रों की धरपकड़ पर सवाल उठाए।

सरकार का रुख: JPSC के पूर्व चेयरमैन गिरफ्तार, ED जांच पर सहमति

बढ़ते विवाद के बीच राज्य सरकार और जांच एजेंसियों ने भी कार्रवाई तेज कर दी है:

  • पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी: सीआईडी (CID) ने JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांग्ते को गिरफ्तार कर लिया है।

  • परीक्षाएं रद्द: सरकार की ओर से 3 संदिग्ध परीक्षाओं को पहले ही रद्द किया जा चुका है और मामले की जांच ED को सौंपने पर सहमति बन गई है। हालांकि, छात्र अभी भी केवल CBI जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अपील: सीएम सोरेन ने छात्रों से शांति बनाए रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए गंभीर है, लेकिन साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस छात्र आंदोलन का राजनीतिकरण कर रहे हैं।

Related News

Share: